भारत डिजिटेशन लाइजेशन के बाद AI में हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Delhi में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक Bharat Mandapam में India AI Impact Summit का आयोजन भी किया जा रहा है, जो इस ओर आगे बढ़ने की सार्थक पहल कही जा सकती है। यह World AI Summit है। यह विकासशील देशों में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा ग्लोबल AI सम्मेलन है। इससे यह भी पता चलेगा कि आने वाले समय में भारत की AI की दशा-दिशा क्या होगी। इस समिट में आने वाले अतिथियों में दुनिया के बड़े Artificial Intelligence के विशेषज्ञ भी शामिल हो रहे हैं। वहीं भारत ने हाल के वर्षों में खुद को AI पावरहाउस के रूप में स्थापित किया है। भारत दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि AI केवल विकसित देशों के लिए नहीं, बल्कि विकासशील देशों की समस्याओं जैसे कृषि, स्वास्थ्य को हल करने का भी माध्यम है।
भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी AI वर्कफोर्स और विशाल डेटा संसाधन है। दुनियाभर में जहां कहीं भी AI पर काम हो रहा है, उसमें भारतीयों का बड़ा योगदान है। केंद्र सरकार ने भी 1 फरवरी को पेश Budget में Cloud और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपए का फंड रख यह दिखा दिया है कि भारत भी आने वाले समय में AI हब बनने को तैयार है। जहां भारत वर्तमान में वैश्विक AI शक्ति रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है, जो South Korea और Japan जैसे देशों से ऊपर है। देश में 1.8 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं, जिनमें से 89 प्रतिशत से अधिक उत्पादों या सेवाओं में AI का उपयोग किया जाता है। केंद्र सरकार ने India AI Mission को मंजूरी देकर AI हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इन दिनों जिस तरह से तैयारी चल रही है, ऐसे में भारत को AI हब बनने में कुछ वर्ष लग सकते हैं, लेकिन सरकार की पहल और निवेश के साथ यह समय कम भी हो सकता है।

