नई दिल्ली से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली ने नैटवेस्ट ग्रुप के साथ मिलकर उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की घोषणा की है। यह पहल फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से की जाएगी, जिसका उद्देश्य शोध और पायलट प्रोजेक्ट्स को मजबूत करना है।
इस सहयोग के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, साइबर सुरक्षा और अन्य उभरती तकनीकों पर संयुक्त कार्यक्रम चलाए जाएंगे। दोनों संस्थाएं मिलकर नए इनोवेशन प्रोग्राम और इंडस्ट्री आधारित रिसर्च को आगे बढ़ाएंगी, जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। यह साझेदारी खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि FITT की यह किसी वैश्विक बैंक के साथ पहली साझेदारी है। इसके जरिए अकादमिक रिसर्च को सीधे व्यवसायिक जरूरतों से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्राहकों के लिए बेहतर और सुरक्षित बैंकिंग समाधान तैयार किए जा सकें। नैटवेस्ट ग्रुप के मुख्य सूचना अधिकारी स्कॉट मारकार ने कहा कि IIT Delhi जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम करने से भविष्य की तकनीकी प्रतिभा को विकसित करने और इनोवेशन की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। इससे बैंकिंग सेवाओं को अधिक सरल, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
भारत में नैटवेस्ट ग्रुप की प्रमुख रुचिका पनेसर ने बताया कि भारत कंपनी के लिए तकनीक और इनोवेशन का एक मजबूत केंद्र है। यहां की प्रतिभा और गुणवत्ता कंपनी के भविष्य के विकास को गति देती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारियां टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत करने के साथ-साथ स्टार्टअप और अकादमिक इकोसिस्टम से जुड़ाव को भी गहरा करती हैं। FITT-IIT Delhi के डॉ. निखिल अग्रवाल ने इस सहयोग को एक प्रभावशाली मॉडल बताया, जिसमें इनोवेशन लैब से निकलकर वास्तविक और बड़े स्तर के समाधान बनाता है। साथ ही यह वैश्विक चुनौतियों को हल करने के लिए तैयार प्रतिभा को भी विकसित करता है। यह पहल भारत में उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ तकनीकी विकास और रिसर्च को भी नई गति प्रदान करेगी।

