बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित ‘एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड आटा, मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं ब्रांडनेम “हरिओम” से दिल्ली में रिटेल एवं ऑनलाइन बिक्री करने वाली प्रमुख कंपनी है। वर्ष दर वर्ष कंपनी अच्छी गति से ग्रोथ कर रही है। ग्रोथ को ताकत देने के लिए कंपनी संस्थागत निवेशकों से क्यूआईपी के जरिए पूंजी जुटा रही है। आज क्यूआईपी का अंतिम दिन है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, वित्तीय प्रदर्शन, प्रवर्तन अनुभव, आईपीओ के मायने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
कारोबारी गतिविधियां : 2018 में स्थापित, एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड आटा, मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी ब्रांडनेम “हरिओम” का उपयोग कर विशेष ब्रांड आउटलेट के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास आटा (चक्की आटा), जड़ी-बूटियां व मसाले, बिना पॉलिश की दालें, अनाज और पीली सरसों के तेल का विपणन और बिक्री करती है।
कंपनी दिल्ली-एनसीआर में 15 रिटेल आउटलेट का संचालन कर रही है जिनमें से 5 कंपनी के स्वयं के संचालित रिटेल आउटलेट हैं और 10 डिटेल आउटलेट फ्रेंचाइजी के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। कंपनी किराना स्टोर और मॉडर्न ट्रेड चैनलों के माध्यम से बीटूसी सेगमेंट में कारोबारी विस्तार कर रही है। कंपनी के पास 2 फैक्ट्रीयां हैं। फैक्ट्री 1 भोंडसी गांव में और फैक्ट्री 2 महिंदरवाड़ा गांव में है। ये आपूर्ति श्रृंखला तेजी से डिलीवरी और ताजा उत्पाद की उपलब्धता सुनिश्चित करती हैं।
कारोबारी विस्तार और भावी योजना: आक्रामक विस्तार और विविधीकरण के लिए कंपनी सूखे मेवे जैसी नई श्रेणियों को जोडक़र अपने उत्पाद रेंज का लगातार विस्तार कर रही है। कंपनी के भविष्य के रोडमैप में मेट्रो शहरों में प्रवेश, एचओएसी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देना और हमारी विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना शामिल है। कंपनी के पास 14.5 हजार से अधिक मासिक उपयोगकर्ता हैं। कंपनी अपने डीटूसी मोबाइल ऐप और कॉल-आधारित ऑर्डर के माध्यम से मजबूत मासिक बिक्री उत्पन्न कर रही है, जो बढ़ते उपयोगकर्ता आधार और स्वस्थ औसत ऑर्डर मूल्य द्वारा समर्थित है। यह मॉडल कंपनी को सीधे उपभोक्ता अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, ब्रांड निष्ठा बनाने और बेहतर मार्जिन बनाए रखने की अनुमति देता है।
एचओएसी ने उत्तर दिल्ली में खुदरा काउंटरों की एक विस्तृत श्रृंखला में अब साझेदारियों के माध्यम से अपने वितरण नेटवर्क का उल्लेखनीय रूप से विस्तार किया है। ऐसी ही एक साझेदारी के तहत बड़ी संख्या में खुदरा आउटलेट्स को सपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें से एक महत्वपूर्ण हिस्से तक कंपनी के उत्पाद पहले ही पहुंच चुके हैं। इसके अतिरिक्त, एचओएसी के उत्पाद अब कई जनरल ट्रेड स्टोर्स में भी उपलब्ध हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में थर्ड पार्टी रिटेल में कंपनी की मजबूत उपस्थिति स्थापित हो चुकी है।
कंपनी ने इस क्षेत्र से बाहर भी विस्तार की शुरुआत कर दी है, और मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं अन्य आसपास के राज्यों में प्रारंभिक बिक्री दर्ज की गई है। कंपनी ने थोक और वितरण परिचालन को मजबूत करने के लिए दिल्ली में पहला बीटूबी कार्यालय शुरू किया है। कंपनी ने वैश्विक बाजारों पर केंद्रित एक नई सहायक कंपनी एचओएसी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। कंपनी ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को समर्थन देने के लिए 5,000 वर्ग फुट का आधुनिक गोदाम स्थापित किया है और मध्य पूर्व, यूरोप और यूके को निर्यात शुरू किया है।
कंपनी ने अपनी उत्पादन इकाई में अत्याधुनिक अनाज सफाई मशीन स्थापित की है। कंपनी ने गुरुग्राम में एक नई विनिर्माण सुविधा खोली जिसमें 475,200 किलोग्राम/वर्ष मसाला का उत्पादन और ७३,३२० लीटर/वर्ष तेल उत्पादन की क्षमता है और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 79.56 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल किया है। कोल्ड-प्रेस्ड सरसों तेल उत्पादन क्षमता को 200 से 1,000 लीटर/दिन तक उन्नत किया गया, जिसमेंकोल्ड-प्रेस्ड काली सरसों का तेल और कोल्ड-प्रेस्ड पीली सरसों का तेल शामिल हैं। कंपनी के पोर्टफोलियो में 160 से अधिक एसकेयू शमिल हैं। कंपनी ने कंट्री डिलाइट के साथ रणनीतिक साझेदारी की है और वहां पर कंपनी प्रतिदिन 100 से 150 आटे के बैग आपूर्ति कर रही है।
अनुभवी नेतृत्व
44 वर्षीय रामबाबू ठाकुर कंपनी के संस्थापक प्रमोटर और प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी की है। वे कंपनी के समग्र प्रबंधन, उत्पादन के सभी पहलुओं, दक्षता सुनिश्चित करने और गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए जिम्मेदार हैं और लगातार विकास और लाभप्रदता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा, उन्हें एफएमसीजी उद्योग के कारोबार में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 12.10 करोड़ रुपए का राजस्व और 0.50 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 15.62 करोड़ रुपए का राजस्व और 1.02 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 26.47 करोड़ रुपए का राजस्व और 2.48 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। उक्त अवधि में कंपनी का राजस्व 47.92 फीसदी के सीएजीआर और कर पश्चात शुद्ध लाभ 121.83 फीसदी के सीएजीआर से बढ़ा है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 9.36 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। एफएमसीजी बिजनेस में यह मार्जिन काफी अच्छा है।
आईपीओ के मायने: मई 2024 में कंपनी का आईपीओ एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आया था। तब कंपनी ने 48 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 11,55,000 शेयर जारी कर 5.54 करोड़ रुपए जुटाए थे। वर्तमान में कंपनी के शेयर का भाव 256.65 रुपए प्रति शेयर चल रहा है। यानी कि निवेशकों की पूंजी 5 गुना से अधिक हो चुकी है और निरंतर रूप से उनका रिटर्न बढ़ रहा है। निरंतर ग्रोथ से उत्साहित कंपनी क्यूआईपी के जरिए पूंजी जुटा रही है। क्यूआईपी का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

