Monday, June 29, 2026 |
Home Education‘Digital Media के दौर में बढ़ी पत्रकारिता की चुनौतियां’

‘Digital Media के दौर में बढ़ी पत्रकारिता की चुनौतियां’

by Business Remedies
0 comments

बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर   Haridev joshi Patrakarita University  (HJU) की ओर से शनिवार को मीडिया साक्षरता पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता वरिष्ठ टीवी पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रतीक त्रिवेदी ने कहा कि बाजार की बाध्यता हरतरह के मीडिया पर लागू है और टीआरपी के लिए टीवी की खबरें बाजार से प्रभावित होती हैं। टीवी पिछले 25-30 साल से बदल रहा है और अब बदलाव के दौर में टीवी
मोबाइल पर देखा जा रहा है। डिजिटल मीडिया के दौर में हर व्यक्ति पत्रकार है, लेकिन यह संभव नहीं है कि हर व्यक्ति पत्रकार के रूप में अपनी भूमिका निभा सके। बिना जांच-पड़ताल के खबरों को लोगों तक लेकर जाना खतरनाक है।
त्रिवेदी ने कहा कि Digital Media के दौर में कोई भी खबर वायरल हो सकती है, ऐसे में तथ्यों की जांच किए बिना उनको लोगों तक जाने से रोकना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल मीडिया के प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि लोगों ने खबरें टीवी पर शैक्षणिक परिसर देखना कम कर दिया है। मोबाइल ने यह चुनौती खड़ी की है। Mobile  पर कौनसा Digital कंटेंट वायरल होगा, यह तय करना चुनौतीपूर्ण है। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने कहा कि भावी पत्रकारों की यह जिम्मेदारी है कि यथा स्थिति पर प्रश्न उठाएं और पूर्वाग्रह के साथ होने वाली पत्रकारिता पर सवाल खड़े करें। प्रो. सुधि ने कहा कि हम पोस्ट ट्रुथ के जमाने में हैं, जहां पर सच को सामने लाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। मीडिया साक्षरता की। हमारी मुहिम का यही उद्देश्य है कि सच्ची और पारदर्शी खबरें लोगों तक पहुंचें। मीडिया जिम्मेदार बने और मीडिया का उपयोग भी जिम्मेदारी के साथ हो।
वरिष्ठ पत्रकार राजेश प्रियदर्शी ने ‘रिपोर्टिंग में फेक्ट चेकिंग का महत्व’ विषय पर कहा कि बाजार के अपने नियम हैं और मीडिया का बिजनेस विश्वसनीयता पर टिका है। भरोसा खोना आसान है, लेकिन हासिल करना मुश्किल होता है। किसी विषय पर राय कुछ भी हो सकती है, लेकिन तथ्य सबसे महत्वूपर्ण होता है। उन्होंने फेक्ट चेक में उपयोग होने वाले प्रमुख टूल्स की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझाकी। दूसरे सत्र में गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की प्रो. तनु डांग ने Digital Media  के दौर में फेक्ट चेक की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की संयोजक गरिमा ने भी मीडिया साक्षरता पर चर्चा की। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव बी.एल. मेहरड़ा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

 



You may also like

Leave a Comment