बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और किसानों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) वित्त वर्ष 2026 तक 65.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
कैपेक्स में आया जबरदस्त उछाल इंफ्रास्ट्रक्चर और किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए निवेश में पिछले 10 वर्षों में 431त्न की भारी वृद्धि हुई है। यूपीए सरकार का (2004-2014) के दौरान कुल पूंजीगत व्यय 12.39 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल (2014-2026) में यह 65.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
रूस्क्क में भी बड़ी बढ़ोतरी: सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (रूस्क्क) पर खर्च को भी तेजी से बढ़ाया है। क्क्र सरकार के कार्यकाल में रूस्क्क पर 7.04 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल (2014-2024) में यह बढक़र 23.12 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कि 228त्न की बढ़ोतरी है।
बजट समर्थन और कृषि सुधार: 2014 से अब तक, सरकार ने कुल 43.53 लाख करोड़ रुपये की ग्रॉस बजटरी सपोर्ट (त्रक्चस्) पूंजीगत व्यय के रूप में निवेश किया है, जो 2004-14 की तुलना में 3.72 गुना अधिक है।
इसके अलावा, एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) को भी मजबूत करने के लिए अधिक पूंजी दी गई है, जिससे किसानों से एमएसपी पर फसलों की खरीद सुचारू रूप से की जा सके।

