अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की संभावित प्रगति पर बनी हुई है, जिसके चलते सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोना वायदा 5 जून अनुबंध में .36 प्रतिशत यानी ₹.566 की बढ़त के साथ ₹.1,59,245 पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोना ₹.1,59,500 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर ₹.1,58,679 से .51प्रतिशत यानी ₹.821अधिक रहा। वहीं दिन का निचला स्तर ₹.1,59,014 रहा, जो .21 प्रतिशत यानी ₹.335 की मजबूती दर्शाता है।
दूसरी ओर, चांदी वायदा 3 जुलाई अनुबंध में भी तेज़ उछाल देखने को मिला। चांदी लगभग 2प्रतिशत यानी ₹.5,400 की बढ़त के साथ ₹.2,77,245 के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंच गई। ताजा कारोबार में चांदी ₹.2,76,427 पर रही, जो 1.7प्रतिशत यानी ₹.4,581 की बढ़त को दर्शाता है। दिन के दौरान इसका निचला स्तर ₹.2,75,428 रहा, जो फिर भी 1.31प्रतिशत यानी ₹.3,582 ऊपर बना रहा। एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत में सोना ₹.1,59,150 और चांदी ₹.2,76,683 पर खुली थी। जिंस बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना लगातार ₹.1,59,000 के ऊपर मजबूती बनाए हुए है और बाजार में सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के लिए तत्काल प्रतिरोध ₹.1,59,500 से ₹.1,60,000 के दायरे में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर लगातार पार होता है तो कीमतें ₹.1,61,000 तक पहुंच सकती हैं। वहीं नीचे की ओर ₹.1,58,000 से ₹.1,57,500 के स्तर पर मजबूत समर्थन बना हुआ है।
चांदी को लेकर भी बाजार विशेषज्ञों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि चांदी ₹.2,76,000के ऊपर मजबूती से बनी हुई है। यदि कीमतें ₹.2,77,000 के ऊपर स्थिर रहती हैं तो आगे बढ़कर ₹.2,79,000 से ₹.2,80,000 तक पहुंच सकती हैं। वहीं ₹.2,73,000 के आसपास मजबूत समर्थन देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग फिलहाल सोना और चांदी की दिशा तय कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती बनी रही। कोमैक्स गोल्ड .75 प्रतिशत बढ़कर 4,557.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि कोमैक्स सिल्वर 2 प्रतिशत से अधिक बढ़त के साथ 78.015 डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके अलावा वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 6प्रतिशत गिरकर 97.16 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड 6 प्रतिशत से अधिक टूटकर 90.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

