वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने सोने की कीमतों को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना 1,10,180 रुपए प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, सोना फिलहाल 3,679 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में संभावित कटौती ने निवेशकों को सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है।
देश के प्रमुख घरेलू बाजारों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1.10 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से ऊपर बनी हुई है। दिल्ली में यह 1,10,260 रुपए, मुंबई में 1,10,450 रुपए, कोलकाता में 1,10,310 रुपए और चेन्नई में 1,10,770 रुपए प्रति 10 ग्राम पर दर्ज की गई।
चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है। एमसीएक्स पर चांदी 1,29,600 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। विश्लेषक इस वृद्धि को इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग से जोड़ते हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारत में अगस्त 2025 में गोल्ड ईटीएफ में 23.3 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश हुआ, जो जुलाई की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि निवेशक सोने को महंगाई और अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षा कवच मान रहे हैं।
इसके साथ ही, अगस्त माह की महंगाई रिपोर्ट में सोने की कीमतों में 40 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को मुख्य कारण बताया गया, जिसने मुद्रास्फीति दर को लगभग 43 आधार अंक बढ़ाया।

