Thursday, July 16, 2026 |
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Franklin India Balanced Advantage Fund के 3 साल पूरे, Assets Under Management 2700 करोड़ रुपये के पार

by Business Remedies
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Franklin India Balanced Advantage Fund

मुंबई। फ्रैंकलिन टेम्पलटन का ओपन-एंडेड डायनेमिक एसेट एलोकेशन हाइब्रिड स्कीम फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने अपने 3 साल पूरे कर लिए। इसी के साथ इस फंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की और इसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सितम्बर 2022 में लॉन्च हुए इस फंड ने 29 अगस्त 2025 तक 12.54% का सालाना औसत रिटर्न (CAGR) दिया है। इसकी तुलना में इसके बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 हाइब्रिड कंपोजिट डेट 50:50 इंडेक्स (NIFTY 50 Hybrid Composite Debt 50:50 Index) ने 10.19% सालाना औसत रिटर्न (CAGR) का रिटर्न दिया।

निवेशकों के लिए इसका मतलब यह है कि अगर किसी ने लॉन्च के समय एकमुश्त 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी कीमत 1.42 लाख रुपये हो जाती। वहीं, अगर किसी ने हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू की होती, तो अब तक एसआईपी के जरिए किया गया कुल 3.6 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 4.27 लाख रुपये हो गया होता। इस फंड को एक अनुभवी टीम संभालती है, जिसमें राजसा काकुलवरपु, वेंकटेश संजीव, चाँदनी गुप्ता, अनुज तगरा, राहुल गोस्वामी, और संदीप मनम शामिल हैं।

 

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन पर फोकस

हाइब्रिड फंड की ग्रोथ के बारे में बताते हुए, फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड के पोर्टफोलियो मैनेजर के. राजसा ने कहा कि, “हाइब्रिड फंड कैटेगरी पहले ही काफी बड़ी हो चुकी है। जैसे-जैसे बाजार मैच्योर होगा और निवेशक अपने जीवन के लक्ष्यों के हिसाब से जोखिम और रिटर्न की उम्मीदों को समझेंगे, मुझे लगता है कि यह कैटेगरी यहां से कई गुना बढ़ेगी।” फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जो लंबे समय में पूंजी (Capital) बढ़ाना चाहते हैं और कम उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) पसंद करते हैं। फंड मैनेजर के. राजसा ने बताया कि, “हमारा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड मार्केट की स्थिति को ध्यान में रखकर निवेश करता है। जब शेयर बाजार नीचे जाता है तो हम इक्विटी (शेयरों) में ज्यादा निवेश करते हैं, और जब वैल्यूएशन बहुत ऊंचा होता है, तब इक्विटी में कम निवेश करते हैं। इससे फंड के प्रदर्शन को मजबूती मिलती है।”

 

इस फंड की निवेश रणनीति यह है कि मिड से लॉन्ग टर्म में जिन कंपनियों में अच्छी ग्रोथ की संभावना है और जिनकी कीमतें उचित हैं, उनमें निवेश किया जाए। यह फंड इक्विटी (शेयर) और डेट के बीच सही तालमेल बिठाने के लिए एक खास मॉडल का इस्तेमाल करता है। यह मॉडल क्वालिटेटिव फंडामेंटल्स (कंपनी की बुनियादी स्थिति) और क्वांटिटेटिव वैल्यूएशन पैरामीटर (वैल्यूएशन ) को मिलाकर काम करता है। फंड, इक्विटी में कितना पैसा लगाना है, यह तय करने के लिए एनएसई 500 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) और प्राइस-टू-बुक (P/B) मल्टीपल का औसत निकालता है। इक्विटी में यह फंड फ्लेक्सी-कैप तरीका अपनाता है, जिससे यह लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश करता है।

आसान निवेश और मजबूत प्रबंधन

इस स्कीम में निवेशक सिर्फ 500 रुपये प्रति माह एसआईपी से शुरुआत कर सकते हैं, और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में कितना भी राशि बढ़ा सकते हैं। मौजूदा अस्थिर (वोलेटाइल) बाजार माहौल में, जहां ग्लोबल ट्रेड की अनिश्चितताएं हैं, यह फंड उन निवेशकों के लिए सही विकल्प हो सकता है, जो लंबी अवधि में ग्रोथ चाहते हैं और जोखिम कम रखना चाहते हैं। अपने मजबूत एसेट एलोकेशन मॉडल, अनुभवी मैनेजमेंट टीम और अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड आज भी उन निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है जो कम उतार-चढ़ाव के साथ धन बढ़ाना चाहते हैं।



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