Saturday, July 11, 2026 |
Home Business and Economy‘एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर’ विकसित भारत की भव्य इमारत का मजबूत स्तंभ : हरदीप सिंह पुरी

‘एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर’ विकसित भारत की भव्य इमारत का मजबूत स्तंभ : हरदीप सिंह पुरी

by Business Remedies
0 comments

बिजनसे रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जोर देकर कहा है कि भारत अपने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर का निरंतर विकास कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘वन नेशन वन गैस ग्रिड’ के विजन पर काम आगे बढ़ रहा है।पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2014 तक देश में केवल 15,000 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइनें थीं, जो अब बढक़र लगभग 25,000 किलोमीटर हो गई हैं और कई किलोमीटर निर्माणाधीन हैं।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “विपरीत धाराओं के बीच खड़े होकर उनकी दिशा बदलना आसान नहीं है। लेकिन जब दूरदर्शी नेता, देशवासियों के साथ चट्टान की तरह खड़े होकर, संरक्षक बनते हैं, तो यह संभव हो जाता है।
जब दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि बढ़ती कीमतों की आंच भारत तक न पहुंचे,” उन्होंने कहा कि एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले तीन वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढऩे के बजाय घटी हैं। केंद्रीय मंत्री पुरी ने जोर देकर कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती की, जिससे देशवासियों की कमाई पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: 13 रुपए और 16 रुपए प्रति लीटर बची। भाजपा शासित राज्यों ने भी वैट कम किया।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में एलपीजी क्रांति आई है, जिसने हर क्षेत्र में बदलाव की एक नई लहर ला दी है। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन दिए गए हैं। आज भी, उन्हें केवल 553 रुपए में एक सिलेंडर मिलता है, जो अन्य एलपीजी उत्पादक देशों की तुलना में कम है।” उन्होंने आगे कहा कि इसके विपरीत, पड़ोसी देश श्रीलंका में इसी सिलेंडर की कीमत 1,204 रुपए, नेपाल में 1,201 रुपए और पाकिस्तान में 1,000 रुपए है। केंद्रीय मंत्री ने बताया, “अकेले पश्चिम बंगाल में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 1.25 करोड़ से अधिक है। इस क्रांति ने न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार किया है, बल्कि यह रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन गया है। क्लीन एनर्जी अब लगभग हर देश की रसोई में मौजूद है।”



You may also like

Leave a Comment