Wednesday, July 15, 2026 |
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आतंक पर भारत का स्पष्ट संदेश

by Business Remedies
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें तलाश करेगा और उन्हें धरती के कोने-कोने तक खदेड़ेगा। बिहार के मधुबनी जिले में आयोजित सभा में मोदी ने अंग्रेजी में बोलने का निर्णय लिया, जिससे संकेत मिलता है कि वह इस संदेश को बिना किसी बाधा के पूरी दुनिया तक पहुंचाना चाहते थे। उन्होंने इस मुश्किल समय में भारत के साथ खड़े देशों और नेताओं का भी उल्लेख किया। इस बात ने और हमले को लेकर विदेशी नेताओं की प्रतिक्रिया ने यह दिखाया है कि भारत को जबरदस्त कूटनीतिक समर्थन हासिल है।

चूंकि यह हमला सीमा पार से जुड़ा हुआ है और यह बात सबको पता है कि पाकिस्तान आतंकी समूहों को पालता और वित्तीय मदद मुहैया कराता है। ऐसे में सरकार ने बुधवार को व्यापार रोकने, पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को निकालने और सार्क वीजा रियायत योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दिए वीजा निरस्त करने जैसे कदम उठाए। बहरहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम था सिंधु जल संधि को स्थगित करना। यह बात भी ध्यान देने लायक है कि 1960 में हस्ताक्षरित इस संधि को 1965 और 1971 की भारत-पाकिस्तान की जंग और 1999 में करगिल युद्ध के समय भी निलंबित नहीं किया गया था।

यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है। पाकिस्तान में खेती से लेकर बिजली उत्पादन तक की गतिविधियों पर इसका बुरा असर हो सकता है। अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का करीब 25 फीसदी सिंधु जल व्यवस्था पर निर्भर है। गुरुवार को पाकिस्तान ने इस घोषणा को नकार दिया और कहा कि सिंधु नदी के जल को रोकने या उसके बहाव की दिशा को बदलने की किसी भी कोशिश को युद्ध जैसी कार्रवाई माना जाएगा। पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को स्थगित कर दिया।



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