भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर आगे बढ़ रही है। यह विकास मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से हुई है। जो वर्ष, 2026 में भारत को एक प्रमुख आर्थिक शक्ति बना रहा है। तीसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी में 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो उम्मीदों 7.4 फीसदी से बेहतर है। जहां नाममात्र जीडीपी तीसरी तिमाही में यह 8.9 फीसदी बढ़ी है। कुल वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.4 से 7.6 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है, जो घरेलू उपभोग और निवेश में मजबूती को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी अनुमान से ज्यादा है। इसके साथ ही सालाना आधार पर भी वृद्धि देखी जा रही है। जहां त्योहारों के सीजन में बढ़ी मांग से उत्पादन को मजबूती मिली है। जीडीपी में बढ़ोतरी जहां देश के आर्थिक आंकड़ों को अपडेट करने की बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है। हाल ही में सरकार ने महंगाई के आंकड़ों की सीरीज भी बदली थी, ताकि बदलते खर्च के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझा जा सके। जब ग्रोथ को रीबेस किया जाता है, तो अलग-अलग सेक्टर को दिए गए वेट में बदलाव होता है। इससे यह स्पष्ट है कि पिछले दशक में अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ी है? नई सीरीज में डिजिटल इकोनॉमी और गिग वर्क जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को ज्यादा महत्व मिलने की संभावना है। वहीं कृषि और अनौपचारिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर का हिस्सा थोड़ा कम हो सकता है। यानि इस वित्त वर्ष में नए बेस ईयर के साथ भारत की अर्थव्यवस्था की नई और ज्यादा उत्कृष्ट तस्वीर सामने आई है।

