बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई DSP Mutual Fund ने अपनी नई ओपन-एंडेड स्कीम, डीएसपी सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड का शुभारंभ करणे की घोषणा की है। यह फंड निवेशकों को Mutual Fund के माध्यम से बहुत लचीले और सुनियोजित तरीके से बहुमूल्य धातु चांदी में निवेश करने का आसान तरीका प्रदान कर रहा है। यह नई फंड ऑफ फंड प्रकार की योजना डीएसपी सिल्वर ईटीएफ की इकाइयों में निवेश करेगी और इस प्रकार से स्थानीय बाजार में भौतिक चांदी के प्रदर्शन के अनुरूप रिटर्न प्रदान करेगी। योजना का एनएफओ प्रारंभिक निवेश के लिए खुल गया है और 9 मई 2025 को बंद होगा।
चांदी अब विभिन्न उद्योगों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव, ऊर्जा और आभूषण उद्योगों में चांदी एक महत्वपूर्ण घटक बन गई है। नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर विश्व का बढ़ता कदम भविष्य में चांदी की मांग को और बढ़ाएगा। चांदी की आपूर्ति में वृद्धि हमेशा सीमित रही है तथा पिछले कुछ वर्षों में इसमें लगातार गिरावट देखी गई है। 2025 लगातार पांचवां वर्ष होगा जब मांग आपूर्ति से अधिक हो जाएगी। वार्षिक मांग की तुलना में आपूर्ति में कमी 20 प्रतिशत से अधिक है। अतीत में जब भी ऐसी कमी हुई है, तो यह देखा गया है कि चांदी में निवेश की थोड़ी वृद्धि के कारण कीमत में उछाल आया है। चूंकि चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में निर्धारित होती हैं, इसलिए भारतीय निवेशकों को डॉलर के मूल्य में गिरावट से लाभ मिलने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपए में चांदी की कीमत ने अच्छा प्रदर्शन किया है। विशेषकर रुपए के कमजोर होने के बाद चांदी ने निवेशकों को अतिरिक्त लाभ प्रदान किया है।
नए फंड के लॉन्च पर DSP Mutual Fund के सीएफए और पैसिव इन्वेस्टमेंट एंड प्रोडक्ट्स के प्रमुख अनिल घेलानी ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के समय में चांदी और सोने जैसी कीमती धातुएं निवेशकों के लिए सुरक्षित पनाहगाह हैं। उन निवेशकों के लिए मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में भी यह धातू काम करते हैं, जिन्हें डर है कि मौजूदा व्यापार युद्ध और व्यापार शुल्क तनाव मुद्रास्फीति में उछाल लाएंगे। लेकिन निवेश की मांग के साथ-साथ, चांदी की वार्षिक मांग का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा औद्योगिक इस्तेमाल से जुडा है। जैसे-जैसे दुनिया भर के कई देश स्वच्छ ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों की ओर बढ़ रहे हैं, भविष्य में ईवी वाहनों, सौर पैनलों और 5जी नेटवर्क में चांदी का औद्योगिक उपयोग बढ़ता रहेगा।

