केंद्र सरकार निरंतर डिजिटल सेक्टर में आगे कदम बढ़ा रही है। रुपए के लेन-देन डिजिटल लाइजेशन होने के बाद सरकार ने किसानों के लिए 2,817 करोड़ रुपए के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को पिछले दिनों मंजूरी दी है। इसके अलावा खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए 3,979 करोड़ रुपए के साथ बागवानी विकास के लिए 860 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके किसानों की आय बढ़ाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना है। इस मिशन के माध्यम से किसानों को कृषि से जुड़ी विभिन्न सेवाएं जैसे कि मौसम की भविष्यवाणी, बीज की गुणवत्ता, कीटनाशकों का उपयोग और बाजार की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त होगी। इस मिशन का मकसद डिजिटल उपकरणों और प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी जानकारी और सेवाएं प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। साथ ही उन्नत कृषि तकनीकों, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाकर कृषि उत्पादकता में सुधार करना है। कृषि लागत कम करने के साथ नवाचार को प्रोत्साहित करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए 7 बड़े फैसले लिए गए हैं। खाद्य और पोषण सुरक्षा से जुड़ी योजना का मकसद किसानों को 2047 तक जलवायु परिवर्तन के हिसाब से तैयार करना है ताकि खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, बागवानी विकास के लिए 860 करोड़ रुपए की एक योजना को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत बनाने और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए योजनाओं को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही, पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए भी एक योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे आने वाले समय में किसानों की पैदावर भी बढ़ सकेगी और मौसम के अनुकूल फसल की बुवाई भी कर सकते हैं।

