बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्लीभारत की अग्रणी विज्ञान-आधारित आयुर्वेदिक कंपनी Dabur India Limited ने आज वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 2,830 करोड़ के राजस्व पर 320 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ घोषित किया। Daburके निदेशक मंडल की आज यहां बैठक हुई, जिसमें 31 मार्च 2025 को समाप्त तिमाही और पूरे वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिटेड वित्तीय परिणामों पर विचार किया गया। हालांकि उच्च खाद्य मुद्रास्फीति और जीवन यापन की लागत में वृद्धि के चलते शहरी खर्च पर दबाव बना रहा, डाबर ने उत्पाद श्रेणियों में उपभोक्ता जुड़ाव और ब्रांड की श्रेष्ठता को मजबूत करते हुए 2024-25 की चौथी तिमाही में अपने 90 प्रतिशत पोर्टफोलियो में बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज की। चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एफएमसीजी मांग के रुझान सुस्त बने रहे। चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद, डाबर ने 2,830 करोड़ के साथ 2.1 प्रतिशत की स्थिर मुद्रा राजस्व वृद्धि दर्ज की। पूरे वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व 12,563 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष 12,404 करोड़ था। स्थिर मुद्रा आधार पर पूरे वर्ष की राजस्व वृद्धि 3.6 प्रतिशत रही।
Dabur India Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा कि ‘भारत में कुछ दबावों के बावजूद, हमारे अंतरराष्ट्रीय कारोबार ने हमें जटिल बाहरी वातावरण में सफलतापूर्वक आगे बढऩे में मदद की। हमारे अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय ने चौथी तिमाही में 19 और पूरे वर्ष में 17 प्रतिशत की स्थिर मुद्रा वृद्धि हासिल की। हमें उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में भारत में शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में उपभोक्ता मांग धीरे-धीरे सुधरेगी। हमारा व्यापारिक आधार मजबूत है, और ओरल केयर, हेयर केयर, हेल्थकेयर, एयर फ्रेशनर और खाद्य व पेय पदार्थों के व्यवसायों में घरेलू पहुंच बढ़ी है। हम ग्रामीण विस्तार और उपभोक्ता-केंद्रित नवाचारों पर निवेश के माध्यम से बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 320 करोड़ रहा, जबकि पूरे वर्ष 2024-25 के लिए शुद्ध लाभ 1,768 करोड़ दर्ज किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ‘हम अपने कोर पोर्टफोलियो को आधुनिक बनाने, प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने और होम एंड पर्सनल केयर, हेल्थकेयर और एफएंडबी व्यवसाय क्षेत्रों में नई संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा, हम शहरी भारत में बदलते चैनल डाइनेमिक्स के अनुसार अपनी ‘गो-टू-मार्केट’ रणनीति को परिष्कृत कर रहे हैं, जिससे हमें भविष्य में उद्योग में अग्रणी लाभदायक वृद्धि हासिल करने का विश्वास मिलता है।’
श्रेणीवार वृद्धि : Dabur के फूड्स व्यवसाय ने इस तिमाही में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की।
स्किन और सैलून व्यवसाय में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
शैम्पू कारोबार में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बादशाह पोर्टफोलियो ने इस तिमाही में लगभग 11 प्रतिशत की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की।
Dabur ने अपने 90 प्रतिशत से अधिक पोर्टफोलियो में बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज की।
जूस और नेक्टर श्रेणी में 261 आधार अंकों की बढ़त के साथ 60.6 प्रतिशत हिस्सेदारी हुई।
हेयर ऑयल सेगमेंट में डाबर की हिस्सेदारी 196ड्ढश्चह्य बढक़र 19.1 प्रतिशत, अब तक की सबसे अधिक रही।
टूथपेस्ट श्रेणी में 15ड्ढश्चह्य, एयर फ्रेशनर में 67ड्ढश्चह्य और डाबर ग्लूकोज में 112ड्ढश्चह्य की हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज की गई।
लाभांश : डायरेक्टर्स बोर्ड ने 525 प्रतिशत का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिससे पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल लाभांश 800 प्रतिशत हो गया है।
Dabur India Limited के समूह निदेशक पी. डी. नरंग ने कहा कि हमारी भुगतान नीति के अनुरूप, बोर्ड ने प्रति शेयर 5.25 लाभांश की सिफारिश की है, जिसका कुल मूल्य 1,417.86 करोड़ होगा।’




