वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्र में तेज बढ़त के बाद निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं को लेकर बनी अनिश्चितता का आकलन कर रहे हैं। इसी कारण बाजार में सतर्कता का माहौल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.04 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल भी 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 91.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में जून डिलीवरी के लिए कच्चे तेल का वायदा भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर ₹.8,708 पर कारोबार करता देखा गया, जो ₹.28 या 0.32 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। कारोबार के दौरान कच्चे तेल ने ₹.8,751 का उच्चतम और ₹.8,690 का न्यूनतम स्तर छुआ।
इससे पहले के कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख मानकों में लगभग 5 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में कुछ बढ़त कम हो गई क्योंकि निवेशकों को अमेरिका और ईरान के बीच वार्ताओं को लेकर विरोधाभासी संकेत मिले। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ वार्ता रोक दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी भी जारी है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि तेहरान ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ताओं को फिलहाल रोक दिया है। इन परस्पर विरोधी खबरों के कारण ऊर्जा बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले सप्ताह के भीतर युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर कोई समझौता हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि वार्ताएं समाप्त हो जाती हैं तो उन्हें इससे विशेष आपत्ति नहीं होगी। इस बीच, लेबनान ने हिजबुल्लाह और इज़राइल के बीच आंशिक युद्धविराम की घोषणा की है। इस घटनाक्रम पर भी ऊर्जा बाजार की नजर बनी हुई है क्योंकि पश्चिम एशिया में किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.05 के स्तर पर खुला, जबकि सोमवार को इसका समापन 95 पर हुआ था। घरेलू शेयर बाजारों में भी मंगलवार को कमजोर शुरुआत देखने को मिली। भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर मानसून पूर्वानुमान की चिंताओं के कारण निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा। Sensex 322 अंकों या 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,945.20 पर खुला। वहीं Nifty 153.45 अंकों या 0.65 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,229.15 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता दिखाई दिया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 प्रतिशत तक फिसल गया। दूसरी ओर, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान वार्ता, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों तथा वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

