New Delhi,
देश के वाणिज्यिक वाहन उद्योग ने January में जोरदार प्रदर्शन किया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, January में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री 27 प्रतिशत बढ़कर 99,544 इकाइयों पर पहुंच गई। इससे पहले December 2025 में यह संख्या 97,682 इकाइयों की थी, यानी मासिक आधार पर भी 1.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के कारण संभव हुई। यह नई दर 22 September 2025 से लागू हुई थी। कर में कमी के साथ-साथ माल ढुलाई गतिविधियों में तेजी आने से माल परिवहन खंड को भी मजबूती मिली। मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन खंड में January के दौरान खुदरा बिक्री 15.4 प्रतिशत बढ़ी। वहीं मासिक आधार पर इसमें 22.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष FY26 के पहले 10 महीनों में इस खंड की खुदरा बिक्री 6.3 प्रतिशत बढ़ी है, जो मांग में सुधार का संकेत देती है।
हल्के वाणिज्यिक वाहन खंड में भी January के दौरान 14.9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष FY26 के पहले 10 महीनों में इस खंड की खुदरा बिक्री 11.1 प्रतिशत बढ़ी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छोटे माल वाहनों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में घरेलू वाणिज्यिक वाहन थोक बिक्री 11.3 प्रतिशत बढ़ी, जबकि खुदरा बिक्री में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष FY26 में वाणिज्यिक वाहन उद्योग की थोक बिक्री 7 से 9 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इसके बाद FY27 में वृद्धि दर 4 से 6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
अनुमान है कि मध्यम और भारी ट्रक खंड में 7 से 9 प्रतिशत तथा हल्के ट्रक खंड में 9 से 11 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। बस खंड में भी चालू वित्त वर्ष के दौरान 8 से 10 प्रतिशत वृद्धि की संभावना जताई गई है। Stock market update के अनुसार, इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखी गई, जिसका सीमित असर nifty और sensex पर भी पड़ा। जानकारों का मानना है कि कर दर में कमी और माल परिवहन की बढ़ती गतिविधियां आने वाले समय में भी उद्योग को सहारा देती रहेंगी।

