Friday, July 3, 2026 |
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वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने से कोयले के दामों में आता उछाल

by Business Remedies
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अमेरिका, इजरायल व ईरान के बीच चल रहे युद्ध से कोयले की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने से कोयले के दामों में लगभग 10-13 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि एलएनजी महंगी होने से कोयले की मांग बढ़ी है। कोल इंडिया की ई-नीलामी में प्रीमियम 35 फीसदी तक पहुंच गया है। इस अनिश्चितता के कारण कोयला कीमतों में तत्काल सुधार की उम्मीद कम है और स्थितियां सुधरना बड़ा मुश्किल ही लगता है। ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से आपूर्ति बाधित हुई है। प्राकृतिक गैस महंगी होने के कारण औद्योगिक उपयोग के लिए कोयले की मांग में तेजी आई है। रॉटरडैम में कोयले की कीमतें 13 फीसदी से बढक़र $$११9.50 प्रति टन के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ऑस्ट्रेलिया से आने वाले कोयले की कीमतों में भी भारी तेजी है। एक सप्ताह में कोयले के दाम 12 हजार से 18 हजार रुपए टन तक पहुंच गए हैं। वहीं कोल इंडिया की ई-नीलामी में कोयले के दाम नोटिफाइड कीमतों से लगभग 35 फीसदी ऊपर चले गए हैं। औद्योगिक क्लस्टर में सीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति में रुकावट के कारण कंपनियों को कोयले की ओर रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बागपत के 400 भ_ों पर ईंट निर्माण की लागत बढ़ गई और इसका असर ईंटों के दाम पर पडऩे लगा, जो आम लोगों को प्रभावित कर रहा है। अगर युद्ध और लंबा चलता है तो कोयले की कीमतों में काफी उछाल आ जाएगा। ऐसे में सरकार को कोयले की आपूर्ति में आ रहे दवाब को कम करने का प्रयास करना चाहिए।



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