Monday, June 29, 2026 |
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सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए जल आत्मनिर्भरता बेहद महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमें जल संरक्षण के उपायों को अपनाकर जल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। जिससे आने वाली पीढिय़ों को एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें एक सुव्यवस्थित रोडमैप की आवश्यकता है, जिसमें कृषि तथा शहरी जल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार जैसे प्रमुख पहलुओं का समावेश हो।
शर्मा मंगलवार को उदयपुर में राज्य जल मंत्रियों के दूसरे अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस आयोजन के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मेलन सहयोगात्मक संघवाद की परिकल्पना की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि हमारी संवैधानिक व्यवस्था में जल राज्यों का एक विषय है, लेकिन प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से जल राज्यों के बीच समन्वय एवं सहयोग का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण को विकास एजेंडे में दी सर्वाच्च प्राथमिकता: शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में जल आत्मनिर्भरता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के रूप में एक भागीरथी प्रयास किया है। इसका लाभ आज राजस्थान के भी करोड़ों लोगों को मिल रहा है। राज्य सरकार शेष परिवारों को नल कनेक्शन देने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण को देश के विकास एजेंडे में सर्वाच्च प्राथमिकता दी है तथा इस सबंध में एक अलग से जलशक्ति मंत्रालय भी बनाया, जिससे जल से संबंधित परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
राम जल सेतु लिंक परियोजना प्रदेश की जीवन रेखा: मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना प्रदेश की जीवन रेखा है तथा इसके माध्यम से प्रदेश के 17 जिलों में 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 3 करोड़ से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि कार्यक्रम के माध्यम से प्रवासी राजस्थानी प्रदेश के 60 हजार गांवों में भूजल पुनर्भरण हेतु रिचार्ज वैल बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए कम पानी में उगने वाली फसलों, शहरी जल प्रबंधन, सीवरेज के पानी के शुद्धिकरण एवं पुन: उपयोग के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग, जल गुणवत्ता और स्रोतों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग सहित विभिन्न कदम उठा रही है।
केन्द्र सरकार जल प्रबंधन के लिए बना रही प्रभावी कार्ययोजना: केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक देश को जल सुरक्षित राष्ट्र बनाने के विजन पर हम काम कर रहे हैं। मोदी ने स्वच्छता पर जोर दिया तथा 12 करोड़ शौचालय बनाए, जिससे 60 करोड़ लोग लाभान्वित हुए तथा डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई।



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