केंद्र सरकार ने कहा है कि वह प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य से सरकार विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों, मित्र देशों के समुद्री प्रशासन, नौवहन कंपनियों, नाविक कल्याण संगठनों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि भारतीय नाविकों को आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता और सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित मंत्रालय, एजेंसियां और विदेशों में स्थित भारतीय मिशन आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हाल के समय में क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं ने समुद्री परिवहन क्षेत्र के सामने बढ़ते खतरों को उजागर किया है। इसी क्रम में पलाऊ ध्वज वाले मध्यम दूरी के तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर मिसाइल हमला किए जाने की सूचना सामने आई है। यह जहाज ओमान के सोहर क्षेत्र के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील की दूरी पर संचालित हो रहा था। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नाविक शामिल थे।
नौवहन महानिदेशालय के अधीन कार्यरत नाविक कल्याण निधि सोसायटी प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार कल्याणकारी लाभ, वित्तीय सहायता तथा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मृतकों के परिवारों को ₹.10 लाख की सहायता राशि जारी की जा रही है। सरकार ने इस बीच सभी संबंधित एजेंसियों को उच्च सतर्कता बनाए रखने और भारतीय नाविकों अथवा भारत के समुद्री हितों से जुड़े किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
नौवहन महानिदेशालय ने संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत सभी भारतीय नाविकों को अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। साथ ही जहाज संचालकों, जहाज प्रबंधकों और नौवहन कंपनियों को मौजूदा समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने, स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा भारत सरकार और सक्षम अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का नियमित रूप से अनुसरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया गया है कि भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल नौवहन महानिदेशालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक हस्तक्षेप और समन्वय शीघ्रता से किया जा सके। सरकार का मानना है कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

