New Delhi,
भारत के ऑटो retail sector ने FY26 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 2,96,71,064 units की बिक्री दर्ज की है। यह year-on-year आधार पर 13.30 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) के जारी आंकड़ों के अनुसार, छह में से पांच vehicle categories ने इस दौरान अपने-अपने वार्षिक रिकॉर्ड बनाए। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि देश का घरेलू ऑटो sector अब एक financial year में 3 करोड़ units के महत्वपूर्ण स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है, जो कुछ साल पहले तक दूर की बात मानी जाती थी।
मजबूत आधार पर टिकी वृद्धि
FADA के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने बताया कि इस वर्ष की वृद्धि केवल संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संरचनात्मक रूप से मजबूत रही है। इसमें affordability में सुधार, शहरी और ग्रामीण भारत में mobility demand का विस्तार और अलग-अलग power विकल्पों का बढ़ता उपयोग प्रमुख कारण रहे। दोपहिया वाहनों ने महामारी से पहले के स्तर को पार करते हुए 2.14 करोड़ से अधिक units की बिक्री दर्ज की और 13.40 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। यह वृद्धि GST के कारण affordability बढ़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह में सुधार और नए उत्पादों की उपलब्धता से संभव हुई। Passenger vehicles ने पहली बार 47 लाख units का आंकड़ा पार किया और 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसमें नए मॉडल, बढ़ती urbanisation और SUV जैसे वाहनों की मांग ने अहम भूमिका निभाई।
ट्रैक्टर segment बना सबसे बड़ा सितारा
FY26 में ट्रैक्टर segment ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इसने पहली बार 10 लाख units का स्तर पार किया और 18.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसके पीछे अच्छा मानसून, मजबूत रबी बुवाई और कृषि अर्थव्यवस्था में सुधार प्रमुख कारण रहे। Commercial vehicles ने भी पहली बार 10 लाख units से अधिक बिक्री के साथ 11.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वहीं, तीन पहिया वाहनों ने लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड बनाते हुए 11.68 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। इस segment में electric vehicles का हिस्सा अब 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। हालांकि, construction equipment segment में 11.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका कारण परियोजनाओं में देरी और पिछले वर्ष का उच्च आधार रहा। विग्नेश्वर के अनुसार, September में GST 2.0 के लागू होने के बाद बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। tax दरों में कमी से दोपहिया, छोटी कार, तीन पहिया और कुछ commercial categories की कीमतें कम हुईं, जिससे ग्राहकों की खरीद क्षमता बढ़ी।
ग्रामीण बाजार ने दिखाई मजबूती
FY26 में ग्रामीण बाजार की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री 13.05 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 13.62 प्रतिशत रही। Passenger वाहनों में ग्रामीण मांग 17.12 प्रतिशत रही, जो शहरी क्षेत्रों के 10.43 प्रतिशत से काफी अधिक है। April महीने के लिए मांग का रुझान सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि यह अब संतुलन के चरण में प्रवेश कर रहा है। FADA के सर्वे के अनुसार, 50.56 प्रतिशत dealers को वृद्धि की उम्मीद है, जबकि 40.15 प्रतिशत dealers ने स्थिर प्रदर्शन की संभावना जताई है।




