मुंबई, 19 अगस्त 2025 : बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने अपने 8 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। वहीं, इस फंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है और इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,200 करोड़ रुपये के पार चला गया है। फंड ने लंबे समय में लगातार अच्छा रिटर्न दिया है और अपने बेंचमार्क CRISIL हाइब्रिड 35+65 – एग्रेसिव इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।
बड़ौदा बीएनपी परिबा एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने शुरू होने के बाद से अब तक 13.05% का औसत सालाना रिटर्न (CAGR) दिया है, जो 3 साल, 5 साल और पूरी अवधि में अपने बेंचमार्क से बेहतर रहा है। इस फंड में अगर किसी ने शुरुआत में 1,00,000 रुपये लगाए होते, तो वह 31 जुलाई 2025 तक बढ़कर लगभग 2,77,441 रुपये हो गए होते, यानी इस फंड ने निवेशकों को लगभग 2.8 गुना रिटर्न दिया है।
वहीं, जिन निवेशकों ने शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये की SIP की, अब उनके निवेश की वैल्यू करीब 18.38 लाख रुपये हो गई। यह दिखाता है कि यह योजना लंबे समय में अच्छी संपत्ति बनाने की क्षमता रखती है।
इसके अलावा, इस योजना का शार्प रेश्यो 1.02 से ज्यादा है, जो बताता है कि यह जोखिम के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देने में सक्षम रही है। इक्विटी (शेयर) की ग्रोथ और डेट (बॉन्ड) की स्थिरता को मिलाकर, यह फंड निवेशकों को रेगुलर इनकम और पूंजी में बढ़त, दोनों का लक्ष्य रखता है।
डाइवर्सिफाइड और संतुलित पोर्टफोलियो
सीनियर फंड मैनेजर्स जितेन्द्र श्रीराम, प्रतीश कृष्णन और गुरविंदर सिंह वासन इस फंड को मैनेज करते हैं। इसमें करीब 70% पैसा इक्विटी (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों) में लगाया जाता है। बाकी हिस्सा डेट और क्वाजी-डेट इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे बॉन्ड आदि) में लगाया जाता है, ताकि रिटर्न स्थिर रहे और उतार-चढ़ाव कम हो।
सिर्फ 500 रुपये से SIP शुरू करके ही निवेशक इस फंड के जरिए संपत्ति बनाने के मौके का फायदा उठा सकते हैं।
निवेशकों के लिए हाइब्रिड फंड क्यों है फायदेमंद
फाइनेंशियल प्लानर के अनुसार, हाइब्रिड फंड जैसे बड़ौदा बीएनपी परिबा एग्रेसिव हाइब्रिड फंड बाजार गिरने पर नुकसान को कुछ हद तक कम करने में मदद करते हैं। इससे निवेशक लंबे समय तक निवेश बनाए रख पाते हैं और भले ही बाजार में मंदी जैसा माहौल हो, निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य पूरे करने से पहले पैसा निकालने से बच जाते हैं।
रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स का कहना है कि ऐसे फंड मीडियम-टर्म में निवेश करने वालों को संतुलित और बेहतर रिटर्न दिला सकते हैं।

