बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली(आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में तेज वृद्धि हो रही है और यह जल्द ही देश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन सकता है। मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात देश का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढऩे वाला निर्यात क्षेत्र बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मेक इन इंडिया का असर! इलेक्ट्रॉनिक्स वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में देश का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता निर्यात क्षेत्र बन गया है। अब यह दूसरे सबसे बड़े निर्यात क्षेत्र बनने की राह पर है।”
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढक़र 22.2 अरब डॉलर पहुंच गया है, जिसमें लगभग आधा हिस्सा एप्पल आईफोन के निर्यात से जुड़ा है।
यह क्षेत्र वित्त वर्ष 2022 में सातवें स्थान से बढक़र अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत का कुल निर्यात अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच 5.19 प्रतिशत बढक़र 346.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 329.03 अरब डॉलर था। यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बावजूद दर्ज की गई है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत के निर्यात में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो वैश्विक औसत 2.5 प्रतिशत से काफी अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्यात में 40.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे 2024 की समान अवधि की तुलना में 5.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त मूल्य जुड़ा। इस सफलता का श्रेय उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को जाता है, जिनकी मदद से भारत स्मार्टफोन का आयातक देश से निर्यातक देश बन गया है। स्मार्टफोन निर्यात ने वित्त वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ही रूपये 1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया, जो पिछले साल की तुलना में 55 प्रतिशत अधिक है।
सितंबर माह में ही भारत का स्मार्टफोन निर्यात अनुमानित 1.8 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 95 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।

