जोधपुर, 17 फरवरी 2026। हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी और देश की अग्रणी कॉमर्शियल वाहन निर्माता अशोक लेलैंड ने अपने ग्राहकों को वाहन वित्त सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान के सबसे बड़े बैंक (शाखाओं की संख्या के आधार पर) राजस्थान ग्रामीण बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर ग्राहकों को उनकी जरूरतों के अनुरूप व्यापक और अनुकूलित वित्तीय समाधान उपलब्ध कराएंगे। साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक वाहन खरीदारों को लचीले, सरल और प्रबंधनीय ऋण विकल्प प्रदान करना है, ताकि वे अपनी व्यवसायिक आवश्यकताओं के अनुसार वाहन खरीद सकें।
एमओयू पर हस्ताक्षर अशोक लेलैंड के एलसीवी बिजनेस प्रमुख श्री विप्लव शाह और राजस्थान ग्रामीण बैंक के एजीएम श्री अभिमन्यु चरण ने बैंक के अध्यक्ष श्री मुकेश भारतीय की उपस्थिति में किए। इस सहयोग के तहत बैंक अशोक लेलैंड के ग्राहकों को एंड-टू-एंड वित्तीय समाधान प्रदान करेगा, जिससे वाहन खरीद प्रक्रिया अधिक सहज और सुलभ बन सके।
अशोक लेलैंड के एलसीवी बिजनेस हेड श्री विप्लव शाह ने कहा कि राजस्थान ग्रामीण बैंक के साथ यह रणनीतिक साझेदारी ग्राहकों को आकर्षक वित्तीय विकल्प प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी के उत्पाद नवीनतम तकनीक से युक्त हैं और उद्योग में सबसे कम कुल स्वामित्व लागत (टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप) प्रदान करते हैं, जिससे ग्राहकों को अधिकतम लाभ मिलता है। उन्होंने उत्कृष्ट ग्राहक अनुभव देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वहीं, राजस्थान ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष श्री मुकेश भारतीय ने कहा कि अशोक लेलैंड के साथ यह साझेदारी वाणिज्यिक वाहन ग्राहकों की विविध वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम पहल है। यह सहयोग बैंक की पहुंच को और मजबूत करेगा तथा कॉमर्शियल वाहन क्षेत्र में व्यवसायों की वृद्धि के लिए उपयुक्त और सुलभ वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराएगा।
अशोक लेलैंड वर्तमान में ट्रकों और बसों की एक व्यापक श्रृंखला प्रदान करता है—इंटरसिटी लाइट कमर्शियल वाहनों से लेकर लंबी दूरी के हेवी-ड्यूटी ट्रकों और विभिन्न प्रकार की बसों तक। कंपनी के वाहन सुरक्षित परिवहन और चालक-अनुकूल सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में, अशोक लेलैंड वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली बसों की श्रृंखला भी पेश करता है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण में कमी लाना और भारत में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है।

