Thursday, July 16, 2026 |
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West Asia संकट के बीच सरकार की तैयारी तेज, भारतीयों की सुरक्षा और गैस आपूर्ति पर फोकस

by Business Remedies
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The Indian government arranged for gas supply and evacuation of citizens during the West Asia crisis.

New Delhi,

West Asia में जारी संकट के बीच भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, गैस और ईंधन आपूर्ति तथा दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्यसभा में जानकारी दी कि सरकार का पहला उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक संघर्ष क्षेत्र से 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है, जिनमें ईरान से 700 से ज्यादा चिकित्सा छात्र भी शामिल हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने West Asia के कई देशों के नेताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। प्रधानमंत्री ने स्वयं दो बार उच्च स्तरीय बातचीत की है। भारत, खाड़ी देशों, ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संपर्क में रहकर शांति बहाली और तनाव कम करने के प्रयास कर रहा है। इसमें Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर भी चर्चा शामिल है। भारत ने नागरिकों, सार्वजनिक ढांचे और ऊर्जा तथा परिवहन प्रणालियों पर हमलों का कड़ा विरोध किया है और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।

ईंधन और गैस आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में

सरकार के अनुसार, देश की सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि हुई है और पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भी पर्याप्त है। कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी देखी गई, जिसे सरकार ने खारिज किया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कच्चे तेल और एलपीजी लेकर आने वाले जहाज विभिन्न देशों से लगातार पहुंच रहे हैं और आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार हैं। भारत ने अपने आयात स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक विस्तारित किया है। इसके साथ ही 53 लाख टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार किया गया है, जिसे बढ़ाकर 65 लाख टन करने की योजना है। सरकार पाइप्ड प्राकृतिक गैस और एलपीजी दोनों को बढ़ावा दे रही है तथा घरेलू उत्पादन में भी वृद्धि कर रही है। विदेशी निर्भरता कम करने के लिए 70,000 करोड़ रुपये की ‘मेड इन इंडिया’ जहाज निर्माण योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में भी अधिकतर उपकरणों का घरेलू निर्माण बढ़ाया जा रहा है।

किसानों और गरीबों के लिए विशेष प्रावधान

सरकार ने आश्वासन दिया है कि उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और किसानों पर संकट का बोझ नहीं डाला जाएगा। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि गरीबों, मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के लिए योजनाओं का लाभ जारी रखा जाए और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। रेस्तरां, ढाबा, कैंटीन और प्रवासी मजदूरों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति पहले 20 प्रतिशत बहाल की गई और बाद में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को 100 प्रतिशत पाइप्ड गैस और सीएनजी उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सामान्य खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस मिल रही है। एक ही दिन में 7,500 से अधिक नए पाइप्ड गैस कनेक्शन जारी किए गए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत राज्यों को सख्त कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और 33 में जिला निगरानी समितियां सक्रिय हैं। अब तक करीब 3,400 छापेमारी की गई, लगभग 1,000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, 642 प्राथमिकी दर्ज हुईं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने भी 1,500 से अधिक औचक निरीक्षण किए हैं।

समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविक सुरक्षित

फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और भारतीय झंडे वाले जहाजों से कोई घटना नहीं हुई है। दो भारतीय एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz पार कर भारत की ओर आ रहे हैं। देशभर के बंदरगाहों पर भंडारण क्षमता बढ़ाई गई है और माल ढुलाई सुचारू रूप से जारी है। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास 24×7 हेल्पलाइन चला रहे हैं। 28 फरवरी से अब तक 4.02 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान और कतर से उड़ानें जारी हैं, जबकि अन्य वैकल्पिक मार्गों से भी भारतीयों की वापसी सुनिश्चित की जा रही है।



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