बिजऩेस रेमेडीज
विविधीकृत अदानी पोर्टफोलियो की सीमेंट और निर्माण सामग्री कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने अपने मारवाड़ मुंडवा प्लांट के आसपास के 100 से अधिक गांवों के कृषक समुदायों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के साथ मजबूत बनाया है।
सीएसआर प्रयासों के माध्यम से इस पहल ने मारवाड़ मुंडवा के 150 किमी के भीतर के ग्रामीणों को एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की स्थापना करके आय का एक अतिरिक्त स्रोत बनाने में सक्षम बनाया है, जो सामूहिक रूप से कंपनी को कचरा भूसी से बायोमास की आपूर्ति करता है।
परंपरागत रूप से, सरसों, सौंफ, जीरा और जूली जैसी फसलों के खराब भूसे को जला दिया जाता है, जिससे उत्सर्जन होता है और अवसर चूक जाता है। प्लांट संचालन के लिए इस खराब भूसी को बायोमास के रूप में उपयोग करने की संभावना को पहचानते हुए कंपनी की सीएसआर टीमों ने किसानों को कलेक्शन और इसकी बिक्री को व्यवस्थित करने में मदद करने के लिए एफपीओ की स्थापना की।
कंपनी के प्रयास केवल भूसा खरीदने तक सीमित नहीं थे। उन्होंने एफपीओ के किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए इनपुट आपूर्ति, बाजार संपर्क और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर प्रौद्योगिकी जागरूकता के साथ व्यापक सहायता प्रदान की। टिकाऊ खेती के लिए प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण सत्र, और एक्सपोजऱ विजिट के साथ-साथ बेहतर कृषि प्रबंधन के लिए कृषि-तकनीकी सहायता की भी पेशकश की गई। परिणामस्वरूप, बायोमास उपलब्धता के लिए वर्षा पर निर्भरता, बाजार प्रतिस्पर्धा और मौसमी उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बावजूद इस पहल ने महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। इसने जून 2024 तक 45,115.53 मीट्रिक टन बायोमास की आपूर्ति की है।
इस बायोमास पहल के माध्यम से अंबुजा सीमेंट्स ने न केवल कृषि कचरा प्रबंधन का समाधान किया है, बल्कि कचरा उत्पाद के पुन: उपयोग के माध्यम से स्थायी आजीविका और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देकर किसानों को आर्थिक और तकनीकी रूप से सशक्त भी बनाया है।

