Sunday, July 19, 2026 |
Home Corporate Worldजून में लार्ज-कैप फंडों में हुआ सबसे अधिक निवेश, जबकि स्मॉल-कैप ने दिया बेहतर रिटर्न: रिपोर्ट

जून में लार्ज-कैप फंडों में हुआ सबसे अधिक निवेश, जबकि स्मॉल-कैप ने दिया बेहतर रिटर्न: रिपोर्ट

by Business Remedies
0 comments

जून में लार्ज-कैप फंडों में हुआ सबसे अधिक निवेश, जबकि स्मॉल-कैप ने दिया बेहतर रिटर्न: रिपोर्ट
नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज
भारत में जून महीने के दौरान लार्ज-कैप म्यूचुअल फंडों में सबसे अधिक निवेश आया, जबकि इस वर्ष अब तक के प्रदर्शन के लिहाज से यही श्रेणी सबसे कमजोर रही है। शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। वल्लम कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, जून में निवेशकों के व्यवहार में स्पष्ट अंतर देखने को मिला। लार्ज-कैप फंडों में 9,656 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि वर्ष की शुरुआत से अब तक इस श्रेणी ने 5.4 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न दिया है।
इसका प्रमुख कारण एसआईपी के माध्यम से आने वाला नियमित निवेश रहा। मिड-कैप फंडों में निवेश सबसे अधिक 1,336 करोड़ रुपये बढ़ा, जबकि स्मॉल-कैप फंडों में 4,508 करोड़ रुपये का निवेश आया। स्मॉल-कैप फंडों ने वर्ष की शुरुआत से अब तक 9.3 प्रतिशत का सबसे बेहतर रिटर्न दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026 में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा और इसने अब तक लगभग 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच निवेशक अस्पताल, डायग्नोस्टिक और दवा कंपनियों जैसे अपेक्षाकृत स्थिर नकदी प्रवाह वाले कारोबारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जून में इस क्षेत्र में निवेश 294 करोड़ रुपये बढ़ा। जून में कुल शुद्ध परिसंपत्ति स्तर का निवेश घटकर 48,826 करोड़ रुपये रह गया, जो मई में 56,886 करोड़ रुपये था। यह मासिक आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
हालांकि, इक्विटी फंडों में निवेश मजबूत रहा और मई की तुलना में 3,215 करोड़ रुपये बढक़र 48,914 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि इस दौरान इनका रिटर्न 1.8 प्रतिशत रहा। फिक्स्ड इनकम श्रेणी में 51,489 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जबकि मनी मार्केट फंडों से 57,277 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इससे संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशकों की तरलता सुरक्षित परिसंपत्तियों से बाहर निकलती रही। इसके विपरीत, कीमती धातु श्रेणी में जून के दौरान 6.3 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिलने के बावजूद 8,678 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने गिरावट के दौरान सोने में खरीदारी का अवसर देखा। रियल एस्टेट क्षेत्र में जुलाई में 14.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे पिछले एक वर्ष का नुकसान लगभग एक महीने में ही पूरा हो गया।

नजी बैंकों में जून के दौरान 802 करोड़ रुपये का नया निवेश आया, जबकि व्यापक बैंकिंग सूचकांकों से निवेश की निकासी हुई। तकनीकी क्षेत्र के फंड इस वर्ष अब तक 17.3 प्रतिशत नीचे रहने के बावजूद निवेशकों ने गिरावट के दौरान खरीदारी जारी रखी। वहीं, उपभोग क्षेत्र के अधिकांश वर्गों में एक महीने का रिटर्न सकारात्मक रहने के बावजूद जून में पूरे उपभोग क्षेत्र से निवेश की निकासी जारी रही। एफएमसीजी इस वर्ष अब तक 12.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहा।



You may also like

Leave a Comment