* अमेज़न के निर्यातकों की संख्या एक साल में 33% बढ़कर 2 लाख उद्यमियों और छोटे व्यवसायों तक पहुंची
* अमेज़न ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम में दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा सबसे ज़्यादा निर्यातक वाले राज्य बने
* स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत देखभाल (45%), सौंदर्य प्रसाधन (45%), खिलौने (44%), घरेलू सामान (39%), परिधान (37%), और फर्नीचर (36%) जैसी श्रेणियों में 10 साल की सबसे ज़्यादा चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज हुई
* अमेज़न ने पिछले एक दशक में, भारतीय निर्यातकों को दुनिया भर के ग्राहकों को 75 करोड़ (75 करोड़) से ज़्यादा ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद बेचने में मदद की
नई दिल्ली। अमेज़न ने घोषणा की कि उसने अमेज़न ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम के ज़रिये 2015 से 2025 के बीच भारत से लाखों भारतीय विक्रेताओं को 20 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करने में मदद की। 2020 में अमेज़न ने 2025 तक भारत से कुल 10 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात का लक्ष्य रखा था, जिसे बाद में उसी समय-सीमा के भीतर बढ़ाकर 20 अरब डॉलर कर दिया गया। अमेज़न ने समय से पहले ही इस बढ़े हुए निर्यात लक्ष्य को पूरा कर लिया। अमेज़न का प्रमुख ई-कॉमर्स निर्यात कार्यक्रम, अमेज़न ग्लोबल सेलिंग, 2015 में लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने पिछले 10 साल में 2 लाख से अधिक निर्यातकों को पंजीकृत किया है, जो दुनिया भर के ग्राहकों को कुल मिलाकर 75 करोड़ से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद की बिक्री कर चुके हैं। पिछले साल भर में इस कार्यक्रम के तहत कुल विक्रेताओं की संख्या में 33% से अधिक की वृद्धि हुई है।
अमेज़न ग्लोबल सेलिंग को देश भर में उल्लेखनीय रूप से अपनाया जा रहा है और इसने भारत भर के 28 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों तथा 200 से अधिक शहरों के विक्रेताओं को पंजीकृत किया है। इस कार्यक्रम ने पिछले 10 साल में, सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया है कि कैसे प्रौद्योगिकी भारतीय उद्यमियों के लिए वैश्विक अवसरों को खोल सकती है। यह निर्यातकों को अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कनाडा, मेक्सिको, जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन आदि देशों में 18 से ज़्यादा अमेज़न ग्लोबल मार्केटप्लेस पर करोड़ों ग्राहकों को उत्पाद बेचकर वैश्विक ब्रांड बनाने में मदद करता है।
अमेज़न ग्लोबल सेलिंग इंडिया के प्रमुख, श्रीनिधि कलवापुडी ने कहा: “अमेज़न ने भारत की पारंपरिक निर्यात श्रेणी, जैसे स्वास्थ्य और व्यक्तिगत देखभाल, सौंदर्य प्रसाधन, खिलौने, घरेलू परिधान और फर्नीचर, आदि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 2015 से, अमेज़न ने भारत से 20 अरब डॉलर का संचयी ई-कॉमर्स निर्यात संभव बनाया है, जिसमें अमेज़न ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम भी शामिल है, और 2025 के लक्ष्य से पहले ही यह उपलब्धि हासिल कर ली है। यह गति भारतीय व्यवसायों की महत्वाकांक्षा और वैश्विक व्यापार में ई-कॉमर्स निर्यात की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। हम इस सफलता के आधार पर, 2030 तक अपने 80 अरब डॉलर के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, क्षमता निर्माण और परितंत्र साझेदारी के ज़रिए वैश्विक बिक्री को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम इसे सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत का ई-कॉमर्स निर्यात विकास भारत सरकार के 2030 तक 200-300 अरब डॉलर करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
होममोंडे के संस्थापक और अमेज़न ग्लोबल सेलिंग विक्रेता, सर्वेश अग्रवाल ने कहा: “होममोंडे वहनीय, उच्च-गुणवत्ता वाले जूट के गलीचों (रग) के ज़रिये भारत की कलात्मक कारीगरी को दुनिया भर के घरों तक पहुंचाना चाहता है। जब हमने देखा कि एरिया रग (पूरे फर्श पर बिछाया जाने वाला) अमेज़न की सबसे तेज़ी से बढ़ती वैश्विक श्रेणियों में से एक हैं, तो हमें लगा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने का बेहतरीन अवसर है। अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ, हम बाज़ार के रुझानों का अध्ययन करने, पर्यावरण के प्रति जागरूक खरीदारों तक पहुंचने और फुलफिल्मेंट बाय अमेज़न के ज़रिये सहजता से लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन करने में कामयाब हुए हैं। हम आकर्षक कीमतों पर हस्तनिर्मित, पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देकर, वैश्विक ग्राहकों को प्रामाणिक भारतीय कलात्मकता से जोड़ रहे हैं। अमेज़न के टूल तथा मार्गदर्शन हमें आत्मविश्वास से विस्तार करने में मदद करते हैं और हम यह सुनिश्चित करते हैं कि जो भी रग बेचें वह कौशल, वहनीयता और भारत की समृद्ध शिल्प विरासत की कहानी बयां करे।”
भारत में अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के 10 साल के दौरान दर्ज मुख्य विशेषताएं:
ई-कॉमर्स निर्यात से जुड़ी अमेज़न की वार्षिक कॉफी टेबल बुक (जल्द ही लॉन्च हो रही), एक्सपोर्ट्स डाइजेस्ट 2025, , अमेज़न ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम के ज़रिये भारत से होने वाले ई-कॉमर्स निर्यात की सफलता और पैमाने की जानकारी प्रदान करती है। इससे वैश्विक बाज़ारों में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की बढ़ती ज़ाहिर होती है। अमेज़न ग्लोबल सेलिंग ने अनुपालन और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता, सीमा पार शिपिंग और लॉजिस्टिक्स, भुगतान और समाधान आदि जैसे क्षेत्रों में देश भर के एमएसएमई और उद्यमियों के लिए निर्यात को आसान और अधिक सुलभ बनाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश किए हैं।
अमेज़न ग्लोबल सेलिंग पर (2015-2024) शीर्ष उत्पाद श्रेणियां
* स्वास्थ्य और व्यक्तिगत देखभाल: 45%
* सौंदर्य: 45%
* खिलौने: 44%
* घर: 39%
* परिधान: 37%
* फर्नीचर: 36%
2024 में अमेज़न ग्लोबल सेलिंग पर छोटे शहरों में उल्लेखनीय वृद्धि दिखी
* तमिलनाडु के करूर के निर्यातकों ने 2024 में 147 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।
* गुजरात के जूनागढ़ के निर्यातकों ने 2024 में 60 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।
* तमिलनाडु के इरोड के निर्यातकों ने 2024 में 34 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।
* गुजरात के आणंद के निर्यातकों ने 2024 में 44 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।
* उत्तराखंड के हरिद्वार के निर्यातकों ने 2024 में 25 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।
* हरियाणा के पानीपत के निर्यातकों ने 2024 में 22 मिलियन डॉलर की बिक्री पार कर ली।

