नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग ने जुलाई 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। स्वस्थ उपभोक्ता मांग, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और इन्वेंट्री में सुधार के कारण यात्री वाहन, दोपहिया वाहन और ट्रैक्टर सेगमेंट में मांग मजबूत बनी रही। एचएसबीसी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में यात्री वाहनों की थोक बिक्री साल-दर-साल आधार पर 34 फीसदी बढ़ी, जबकि खुदरा बिक्री में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
यात्री वाहन बिक्री में 34 फीसदी उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में यात्री वाहन मांग मजबूत बनी रही, जिसका नेतृत्व यूटिलिटी व्हीकल्स की बेहतर बिक्री ने किया। वाहन निर्माताओं को ग्राहकों की लगातार रुचि और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला का लाभ मिला। मजबूत मांग के चलते यात्री वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 34 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
दोपहिया और वाणिज्यिक वाहन बाजार में तेजी
दोपहिया वाहन खंड में थोक बिक्री करीब 15 फीसदी बढ़ी, जबकि कुल खुदरा बिक्री में 34 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, वाणिज्यिक वाहन (सीवी) सेगमेंट में भी मांग को समर्थन मिला। मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा से पहले ग्राहकों ने रिप्लेसमेंट खरीद को प्राथमिकता दी। इसके चलते प्रमुख कंपनियों की कुल वाणिज्यिक वाहन बिक्री में सालाना आधार पर करीब 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी जारी
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी मजबूत रुझान देखने को मिला। जुलाई में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कुल दोपहिया बिक्री में हिस्सेदारी 11.2 फीसदी रही, जबकि इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों की हिस्सेदारी 8 फीसदी दर्ज की गई। ऊंची ईंधन कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को लगातार समर्थन मिल रहा है।
बढ़ती लागत और ग्रामीण मांग बनी चुनौती
ऑटो सेक्टर में मांग मजबूत रहने के बावजूद बढ़ती कमोडिटी कीमतें कंपनियों की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकती हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दोपहिया और यात्री वाहनों के लिए कमोडिटी लागत सूचकांक में करीब 10-12 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि वाणिज्यिक वाहनों और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए यह वृद्धि लगभग 13 फीसदी रही।
रिपोर्ट के अनुसार, जून तिमाही में कई वाहन निर्माताओं की लाभप्रदता में गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके कारण सितंबर तिमाही में भी मार्जिन पर दबाव बने रहने की संभावना है। वहीं, हाल के हफ्तों में बारिश में सुधार हुआ है, लेकिन जलाशयों का स्तर अभी भी दीर्घकालिक औसत से नीचे बना हुआ है। 2026 में अल नीनो की संभावना ग्रामीण मांग और ट्रैक्टर बिक्री के लिए आने वाले महीनों में अनिश्चितता पैदा कर सकती है।

