बिजनेस रेमेडीज/मुंबई (आईएएनएस)। इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही सरकारी कंपनी नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरीज लिमिटेड (एनएसडीएल) ने रविवार को वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस दौरान कंपनी के मुनाफे में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है और कंपनी ने निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है। एनएसडीएल ने बताया कि कंपनी का मुनाफा जनवरी-मार्च अवधि में 4.77 प्रतिशत बढक़र 83.3 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही में 79.5 करोड़ रुपए था।
समीक्षा अवधि में एनएसडीएल की कुल आय में 9.94 प्रतिशत बढक़र 394 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 358 करोड़ रुपए थी। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में डिपॉजिटरीज का शुद्ध मुनाफा 24.57 प्रतिशत बढक़र 343 करोड़ रुपए हो गया है। साथ ही कुल आय सालाना आधार पर 12.41 प्रतिशत बढक़र 1,535 करोड़ रुपए हो गई है। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2 रुपए प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। एनएसडीएल भारतीय वित्तीय प्रणाली में प्रतिभूतियों को डीमैट रूप में रखने और स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके डीमैट खाताधारक भारत के 99 प्रतिशत से अधिक पिन कोड और दुनिया भर के 186 देशों में फैले हुए हैं। अपने आईपीओ से पहले एनएसडीएल ने इश्यू का आकार कम कर दिया है। अब इस ऑफर में 5.01 करोड़ शेयर शामिल हैं, जो इसके ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में शुरू में लिखित 5.72 करोड़ शेयरों से कम है।
आईपीओ पूरी तरह से एक ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) है, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और एचडीएफसी बैंक सहित मौजूदा शेयरधारक द्वारा हिस्सेदारी बेची जा रही है। ओएफएस होने के कारण इश्यू से जुटाया गया सारा पैसा कंपनी के शेयरधारकों के पास जाएगा।

