बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
अधिकांश लोगों को अपने पहले क्रेडिट कार्ड अनुभव के बारे में स्पष्ट रूप से याद होगा। बिना सोचे-समझे इसका इस्तेमाल आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है। ऐसे में, अगर आप समझ जाएं कि आपके पास कितने पैसे आते हैं और कितने खर्च होते हैं। फिर अपने खर्चों पर एक लिमिट लगा लें, तो आप क्रेडिट कार्ड से फायदा उठा सकते हैं।
पहली शर्त… आय, कर्ज और बचत के लक्ष्यों को देखें, खर्च की सीमा तय करें : क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल से पहले आय, खर्च, कर्ज व बचत लक्ष्यों का आकलन करें। इससे खर्च सीमा तय करने व वित्तीय निर्णय लेने में मदद मिलेगी। याद रखें, क्रेडट सीमा आपकी खर्च क्षमता का सही इंडीकेटर नहीं है। मान लीजिए, आप हर माह 1 लाख कमाते हैं। बचत 35 हजार व घर खर्च 45 हजार है। यानी 20 हजार रुपए बचे। क्रेडिट कार्ड पर 50 दिन का ब्याज मुक्त पीरियड देखते हुए आप 30 हजार की खरीदारी करते हैं। आप इसे आसानी से भर देंगेे। लेकिन लगातार 3 महीने इसी प्रवृत्ति को दोहराते हैं तो चौथे महीने 10 हजार कम पड़ जाएंगे। यानी आप उतनी ही अतिरिक्त शॉपिंग करें, जितना सरप्लस है।
ऐसे कैशबैक, रिवॉर्ड व प्रमोशन तलाशें, जो आपकी खरीदारी से मेल खाते हों : यह समझना अहम है कि क्रेडिट कार्ड का प्राथमिक लाभ बढ़ी हुई खर्च सीमा नहीं है। आप रणनीतिक रूप से कैशबैक, रिवॉर्ड्स प्रोग्राम और प्रमोशन की तलाश करें, जो आपके खर्च पैटर्न से मिलते हैं। इससे रिवॉर्ड, छूट व प्रमोशनल लाभ हासिल कर सकते हैं। ये लाभ 2-6 प्रतिशत तक हो सकता है।
इमरजेंसी में बैलेंस फॉर्वर्ड, ईएमआई जैसे विकल्प से बकाया बढऩे से रोकें
एक मजबूत क्रेेडिट हिस्ट्री बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड बिल का समय पर भुगतान करें। आपात स्थिति में बैलेंस फॉर्वर्ड प्लान बेहतर तरीका है, जो माह-दर-माह बकाया बढऩे से रोकता है। बिल को ईएमआई में बदलना भी बेहतर रणनीति है।
क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट देखने की आदत डालें, इससे खर्च में सुधार कर सकते हैं : खर्च आदत समझने के लिए क्रडिट कार्ड स्टेटमेंट देेखें। इन्हें नोट करें। इससे खर्च के बारे में पता चलेगा और गैरजरूरी खर्च में सुधार कर सकते हैं। यह नजरिया ठोस वित्तीय निर्णय लेने और क्रेडिट कार्ड का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करेगा।मयंक मारकंडे- हेड ऑफ डिजिटल बैंक एयू0101 ए यू स्मॉल फायनांस बैंक

