बिजनेस रेमेडीज/ चंडीगढ़। ‘International Daughters Day’ के अवसर दिविसा हर्बल्ज़ प्रा. लि. के सुप्रसिद्ध प्रोडक्ट आयुर्वेदिक रूप मंत्रा के सौजन्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कंपनी के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और बेटियों के प्रति अपने-अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर ब्रांड मशीन के नाम से मशहूर एंटरप्रन्योर और इंवेस्टर डॉ. संजीव जुनेजा ने बेटियों का हमारे जीवन में होने के महत्व बताते हुए कहा कि बेटियां भगवान का दिया हुआ वह अनमोल उपहार हैं जो हमारे जीवन में अपार खुशियां और प्यार लाती हैं। हमारे घर-आंगन को खुशियों से भर देती हैं। आपकी राजकुमारी यह सुनने की हकदार है कि आप उससे कितना प्यार करते हैं। भले ही वह बड़ी हो गई हो और घर से दूर हो, फिर भी है तो वो आपकी राजकुमारी ही। उन्होंने अपनी बेटी के बारे में भी कहा कि “मेरी नन्ही परी, तुम मेरी कमजोरी नहीं, बल्कि मेरी ताकत हो। मैं तुम्हारे लिए जीवन और समाज की हर परिस्थितियों और चुनौतियों से लडऩे के लिए हमेशा तैयार हूं।”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को संबोधित करते हुए डॉ. जुनेजा ने कहा कि बेटियों में आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है और उन्हें यह मिलता है, अपनों के विश्वास, प्यार और खुद के दृढ व्यक्तित्व से। जरूरी नहीं रोशनी चिरागों से हो, बेटियां भी घरों को रोशन करती हैं। आप अपनी बेटी के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना न भूलें और उसे बताएं कि उन्हें उस पर कितना गर्व है। डॉ. जुनेजा ने इन सभी को ध्यान में रखते हुए कुछ समय पहले एक खास प्रोडक्ट आयुर्वेदिक रूप मंत्रा लॉन्च किया था। जिसमें क्रीम, फेसवॉश, साबुन, कोल्ड क्रीम और फेशियल क्रीम प्रमुख हैं। जो चेहरे को त्वचा के भीतर से निखारने एवं संवारने में अति सहायक है। यह चेहरे पर प्राकृतिक नमी सुरक्षित रखने का कार्य करते हैं। इसके अद्भूत पोषक एवं एंटी ऑक्सीडेंट गुण चेहरे की त्वचा को युवा रखने में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि आज भी बेटियों को समाज में बेटों या पुरुषों से कम समझा जाना, बहुत ही गलत बात है। ज्यादातर लोग तो बेटे की चाह में बेटी की भू्रण हत्या कर रहे है जोकि एक जघन्य अपराध हैं। ऐसे में बेटियों को बचाने, उनके उज्जवल भविष्य के लिए हर साल अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस, सभी बेटियों को समर्पित एक खास दिन है। जिसे प्रत्येक व्यक्ति को खासतौर पर मनाना चाहिए। बेटी इस दुनिया की सबसे खूबसूरत उपहारों में से एक है। अगर बेटियों का भविष्य उज्जवल होगा तभी तो हमारे समाज का भविष्य और भी उज्जवल होगा। हमारे भारत की बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं। जहां कुछ भारत के लिए खेलों में गोल्ड मेडल लेकर आती हैं तो वहीं कुछ अपने टैलेंट के माध्यम से गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं। लेकिन फिर भी कहीं न कहीं कुछ लड़कियां आज भी अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं। बदलते युग में बेटी को भी उतना ही सम्मान दिया जाना चाहिए, जितना बेटों को दिया जाता है, फिर चाहे शिक्षा की बात हो, नौकरी की या फिर जिंदगी जीने की। बता दें कि यह माता-पिता के लिए एक समान और निष्पक्ष परवरिश के मूल्य को प्रतिबिंबित करने का भी दिन है, जो बेटियों को अपने पूरे जीवन में मजबूत और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणा देगा। अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस, लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने, सशक्तिकरण और उनके मानवाधिकारों की पूर्ति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है।

