बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा वित्त पोषित एवं प्रायोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विकसित भारत 2047 के संकल्प को हकीकत के बदलने के लिए तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं के विशेष महत्व के मद्देनजर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ्रढ्ढष्टञ्जश्व वाणी के अंर्तगत 12 उभरते हुए क्षेत्रों के लिए 12 क्षेत्रीय भाषाओं में विभिन्न संगोष्ठी एवम कार्यशालाओं के आयोजन के लिए तकनीकी एवम आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इसी क्रम में मणिपाल विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को इस स्कीम मे कार्यशाला करवाने के लिए चयनित किया गया जिसके तहत आज इस कार्यशाला का उद्घाटन हुआ जिसमे मुख्य अतिथि सी डेक दिल्ली की उपनिदेशक डॉ. प्रियंका जैन एवम विशिष्ट अतिथि आईबीएम से डा. जयकुमार रहे।
डॉ. जैन ने तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व एवम सी डेक द्वारा हिंदी में बनाए गए प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी साझा की तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चुनौतियों और अवसरो के बारे में भी बताया। डॉ. जयकुमार ने क्वाटम कम्प्यूटिंग तकनीक पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर इंजीनियरिंग डीन प्रो. अमित सोनी ने विश्विद्यालय के बारे में अथितियो एवम प्रतिभागियों को जानकारी दी एवम आयोजको को इसके लिए बधाई दी। सीएसई स्कूल निदेशक प्रो. संदीप चौरसिया ने बताया की इस तीन दिवसीय इस कार्यशाला में कुल 9 सत्र आयोजित होंगे, जिसमे उद्घाटन एवम समापन सत्र के अतिरिक्त 7 तकनीकी सत्र होंगे। इन सत्रों में मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्विद्यालय राजस्थान से डा प्रकाश चौधरी, इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्विद्यालय (महिला) से डॉ. अरुण शर्मा, ट्रिपल आईटी कर्नाटक से डा आशुतोष बाबू, आईआईटी गोहावाटी से प्रो हनुमंत सिंह शेखावत विभिन्न सत्रों में अपने तकनीकी व्याख्यान देंगे। कार्यशाला में देश के विभिन्न स्थानों से 80 प्रतिभागी भाग ले रहे है। कार्यशाला के समन्वयक डॉ जूही सिंह एवम शिशिर सिंह चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

