भजनलाल सरकार ने राजस्थान का गत दिवस बुधवार को विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। राजस्थान की डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अपने करीब तीन घंटे के बजट भाषण में मरुधरा के विकास के लिए भजनलाल सरकार के विजन को सामने रखा। इसमें कई बड़ी और अहम घोषणाएं की हैं। अब देखना होगा कि राज्य बजट में की गई घोषणाएं कितनी क्रियान्वित होगी? यह भविष्य के गर्त में है। बजट में कुछ हद तक युवा वर्ग पर भी फोकस किया गया है। इसके तहत सरकारी नौकरियों को बड़ा तोहफा भी दिया है। दिया कुमारी ने अगले पांच वर्ष में चार लाख नई नौकरियां देने का ऐलान किया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशनर्स की इलाज राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी है। वहीं वित्त मंत्री ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर देते हुए 500 नई रोडवेज बसें खरीदे जाने का भी ऐलान किया है। वहीं जन-जन के आस्था केंद्र खाटूश्यामजी में विकास के लिए 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का ऐलान किया है। पांच साल में चार लाख नौकरियां दिए जाने का ऐलान के तहत एक लाख नौकरियां पहले साल में दिए जाने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन ऐसा संभव नहीं लगता है। सात महीने पहले सत्ता में आई बीजेपी की भजनलाल सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट तो पेश कर दिया है, पर इसमें की गई घोषणाएं कब तक पूरी होगी इसमें कोई जिक्र नहीं किया गया है। वैसे तो बजट से युवाओं, महिलाओं, किसानों और कर्मचारियों समेत सभी वर्गों का पूरा ध्यान रखा गया है। सबसे ज्यादा युवाओं को बजट का इंतजार है। उन्हें नई सरकार से बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों की आस है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने बेरोजगार युवाओं, किसानों और महिला विकास को लेकर बड़े वादे किए थे। इन्हीं वादों के दम पर वह कांग्रेस से सत्ता छिनने में सफल हो पाई थी। करीब दस साल के बाद राजस्थान में सीएम के अलावा उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। इससे पहले राजस्थान में वित्त मंत्रालय सीएम के पास ही हुआ करता था। लिहाजा वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत अपनी सरकारों में खुद बजट पेश करते थे। अब दस साल बाद डिप्टी सीएम बजट पेश किया।

