नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने रिटेल ग्राहकों के लिए त्योहारी सीजन से पहले ही उपहारों व रियायतों की झड़ी लगा दी है। ऐसा माना जा रहा है कि देश में सुस्त पड़ी ऑटो बिक्री में तेजी लाने के लिए एसबीआई ने यह कदम उठाया है। एसबीआई के बाद अब अन्य सरकारी और निजी बैंक भी ग्राहकों को लुभाने के लिए इस तरह की घोषणाएं करेंगे।
एसबीआई ने कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस न लेने की घोषणा की है। इसके अलावा बैंक ने कार लोन के लिए सबसे कम ब्याज दर 8.70 प्रतिशत की पेशकश भी की है। बैंक ने कहा है कि वह भविष्य में कार लोन की ब्याज दर में कोई वृद्धि नहीं करेगा। इसके अलावा एसबीआई ने होम और पर्सनल लोन के लिए भी निम्न ब्याज दरों की पेशकश की है। बैंक ने आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पर्सनल और एजुकेशन लोन की रिपेमेंट अवधि में भी इजाफा किया है।बैंक ने कहा है कि वेतनभोगी कर्मचारी कार की ऑन-रोड कीमत का 90 प्रतिशत तक लोन हासिल कर सकते हैं। बैंक ने कहा है कि वह वेतनभोगी कर्मचारियों को 10.75 प्रतिशत की निम्न दर के साथ 20 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ऑफर कर रहा है और इसे चुकाने के लिए अब तक का सबसे लंबा 6 साल का वक्त भी दिया जा रहा है। भारतीय ऑटो उद्योग इस समय मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस साल जुलाई में ऑटो बिक्री अपने 20 साल के निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। बैंक ने ऑटो डीलर्स को कर्ज चुकाने के लिए 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि बैंकों ने ऑटो डीलर्स को 11,500 करोड़ रुपए का कर्ज दे रखा है। एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर-रिटेल एंड डिजिटल बैंकिंग, पीके गुप्ता ने कहा कि सामान्य तौर पर कर्ज भुगतान अवधि 60 दिन की होती है। हमनें कुछ डीलर्स के लिए इसे बढ़ाकर 75 दिन और कुछ के लिए 90 दिन की है। हम हर डीलर से बात कर रहे हैं।

