आरबीआई के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर का उद्घाटन
डेटा सेंटर को 2022 में मिला इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा
भुवनेश्वर | बीआर न्यूज नेटवर्क
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ओडिशा के खोरधा में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर के उद्घाटन के दौरान डेटा सेंटर को डिजिटल युग की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 2022 में डेटा सेंटर को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया था। बजट 2026-27 में भारत में मौजूद डेटा सेंटरों के माध्यम से वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए कर छूट की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि इस परिसर के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक देश की उन प्रणालियों की घरेलू क्षमता बढ़ा रहा है, जो भारत के भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर के केंद्र में हैं।
इस परिसर में आरबीआई की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणालियां होंगी, जिनमें रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) शामिल हैं। अपने शोध विभाग के साथ यह प्रशिक्षण संस्थान साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटरों के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि देश के पूर्वी भाग में इस केंद्र की स्थापना सरकार के सभी क्षेत्रों में समान विकास पर ध्यान देने को दर्शाती है।
जनधन और मुद्रा योजना से बढ़ा वित्तीय समावेशन
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 में संकल्प लिया था कि कोई भी भारतीय बैंकिंग प्रणाली से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की गई, जिसके तहत अब तक 59 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से देश में ऋण की पहुंच बढ़ी है। इसके तहत छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को 43 लाख करोड़ रुपये के 60 करोड़ ऋण दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अपने ऋण चुका दिए हैं और योजना के लाभार्थियों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं।
पीएम स्वनिधि और बीमा योजनाओं से मिली सुरक्षा
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को 1.2 करोड़ ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने ऋण का भुगतान कर दिया है और आगे बड़े ऋण भी लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने भी लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इन योजनाओं के माध्यम से लोगों को बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं से जोडऩे में मदद मिली है।
यूपीआई बना दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम भुगतान सिस्टम
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25 साल के कार्यकाल में टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंडिया पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम भुगतान सिस्टम बन गया है। वर्ष 2016-17 से इसके लेनदेन की मात्रा में 30,000 गुना वृद्धि हुई है और इसके जरिए हर महीने 2,400 करोड़ लेनदेन होते हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आरबीआई का नया डेटा सेंटर भी इसी दिशा में एक अहम कदम है, जो भुगतान प्रणालियों की घरेलू क्षमता बढ़ाने और साइबर सुरक्षा, एआई तथा डेटा सेंटर प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने में योगदान देगा।

