Friday, October 23, 2026 |
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वर्ष 2030 तक भारत-पोलैंड के बीच व्यापार होगा दोगुना

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निवेश और तकनीकी सहयोग पर रहेगा जोर
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को 2030 तक भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई।
संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जल्द हस्ताक्षर, उसके स्वीकृति और समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। नेताओं का मानना है कि इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे, महत्वपूर्ण वैल्यू चेन को अधिक विविध और मजबूत बनाया जा सकेगा तथा नए बाजारों तक पहुंच संभव होगी।
पीएम मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को किया आमंत्रित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबार विस्तार के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल बाजार, कुशल कार्यबल, तेजी से बढ़ता विनिर्माण क्षेत्र और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम विदेशी कंपनियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है। वहीं डोनाल्ड टस्क ने पोलैंड में भारतीय निवेश की सराहना करते हुए कहा, पोलैंड, मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ-साथ व्यापक यूरोपीय बाजार में विस्तार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बन सकता है।
दोनों नेता कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत
दोनों नेताओं ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके लिए द्विपक्षीय कार्य समूह की गतिविधियों को फिर से शुरू किया जाएगा, जिससे कृषि व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई गति मिल सके। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का भी स्वागत किया। इसमें दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
लघु व मध्यम उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
नेताओं ने मजबूत और विविधीकृत आपूर्ति शृंखलाओं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने, नवाचार-आधारित विकास और डिजिटल परिवर्तन के महत्व पर भी बल दिया। दोनों पक्षों ने माना कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आर्थिक विकास, उत्पादकता बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकती हैं। भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडा को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीकों पर संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा स्टार्टअप सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। उन्होंने व्यवसायों, अनुसंधान संस्थानों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच घनिष्ठ सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया।
अंतरिक्ष क्षेत्र को भी रणनीतिक साझेदारी
अंतरिक्ष क्षेत्र को भी रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। दोनों नेताओं ने संस्थागत और उद्योग स्तर पर सहयोग को मजबूत करने तथा परस्पर लाभकारी अंतरिक्ष परियोजनाओं की पहचान करने के प्रयासों का स्वागत किया। संयुक्त बयान में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भविष्य के सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।
खनन व क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में बढ़ाएंगे सहयोग
भू-विज्ञान, खनन और क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इस संबंध में दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर बातचीत जारी है। दोनों नेताओं ने भारत और पोलैंड के बीच सीधी उड़ानों की संभावनाओं का स्वागत किया और नागर विमानन प्राधिकरणों को इस संबंध में सीधी वार्ता आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही समुद्री परिवहन और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। नेताओं ने कहा कि बंदरगाहों के बीच सहयोग सुरक्षित, लचीली और एकीकृत सप्लाई चेन बनाने में मदद कर सकता है, जिससे ट्रांजिट समय कम होगा और भू-राजनीतिक व्यवधानों के बीच महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) जैसी पहलों के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी दोनों देशों और व्यापक क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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