मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। मुंबई का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट आने वाले वर्षों में तेज विस्तार की ओर बढ़ रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2027 से 2030 के बीच मुंबई में ऑफिस डिमांड के 12–15 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।
ऑफिस लीजिंग में आएगा बड़ा उछाल
CBRE Research की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में वर्ष 2022–2026 के दौरान औसत वार्षिक ऑफिस लीजिंग करीब 11.8 मिलियन वर्ग फुट रहने का अनुमान है। आने वाले चार वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। वर्ष 2030 तक शहर का कुल ऑफिस स्टॉक 1.3 गुना बढ़ने की संभावना जताई गई है।
BFSI और Technology सेक्टर होंगे प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 की पहली छमाही तक भारत के कुल ऑफिस इन्वेंटरी में मुंबई की हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत रही। आने वाले वर्षों में Banking, Financial Services and Insurance (BFSI), Technology और Flexible Workspace सेक्टर ऑफिस डिमांड को आगे बढ़ाएंगे। बेहतर गुणवत्ता वाली नई Supply और बढ़ते Occupier Base से बाजार को समर्थन मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रहा मुंबई का कमर्शियल मैप
Metro, Rail, Road और Airport Connectivity में सुधार के कारण Mumbai Metropolitan Region (MMR) में नए Business Districts और Growth Corridors विकसित हो रहे हैं। Infrastructure-led Decentralisation से शहर के नए क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
Residential और Logistics सेक्टर में भी मजबूत संभावनाएं
Residential Segment में 2027 से 2030 के बीच 6–8 प्रतिशत CAGR से बिक्री बढ़ने का अनुमान है। वर्ष 2030 तक Residential Stock 1.5 गुना बढ़ सकता है। वहीं Industrial और Logistics Segment में 5–8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का अनुमान है। E-commerce, Third-party Logistics और Industrial Occupiers की बढ़ती मांग इसे गति देगी।
Retail Segment बनेगा सबसे तेज बढ़ने वाला क्षेत्र
रिपोर्ट के अनुसार, Retail Segment में 2027–2030 के दौरान 14–17 प्रतिशत CAGR से डिमांड बढ़ सकती है। वर्ष 2030 तक Retail Stock 1.6 गुना तक बढ़ने का अनुमान है। Mumbai फिलहाल देश के कुल Retail Inventory में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
मुंबई के विकास को मिलेगी नई दिशा
CBRE ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में Mumbai का Transformation Mobility Infrastructure, Redevelopment, New Business Districts और Transit-oriented Development से संचालित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत Housing Demand और Infrastructure Development शहर को विकास के नए चरण में ले जा सकते हैं।

