दोपहिया वाहन कंपनियों ने कीमत बढ़ाकर और लागत नियंत्रण से बचाया मार्जिन
कमोडिटी लागत बनी सेक्टर के लिए प्रमुख चुनौती
दूसरी छमाही में मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने लागत दबाव के बावजूद वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। इस दौरान मार्जिन को बनाए रखने के लिए कई दोपहिया वाहन निर्माताओं ने कीमतों में बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण का सहारा लिया। एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर दोपहिया वाहन कंपनियों ने बढ़ती इनपुट लागत के दबाव को बेहतर तरीके से संभाला, जिससे तिमाही में उनके मार्जिन में बहुत कम गिरावट दर्ज की गई।
दोपहिया कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत
रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मार्जिन को काफी हद तक बनाए रखा। बढ़ती इनपुट लागत के बावजूद मार्जिन में मामूली गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनियों ने लागत दबाव को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया। मार्जिन को सहारा देने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण प्रमुख उपाय रहे।
कमर्शियल वाहनों का प्रदर्शन रहा ठीक-ठाक
कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों का तिमाही प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा। रिपोर्ट में इनका प्रदर्शन दोपहिया और यात्री वाहन बनाने वाली कंपनियों के बीच बताया गया है। सेक्टर में कमोडिटी की लागत अभी भी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। हालांकि मौजूदा तिमाही में कमोडिटी की कीमतों में कुछ नरमी आई है और इनपुट लागत मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई है, लेकिन इनका असर अभी भी कंपनियों के मुनाफे पर दिखाई दे रहा है।
कीमतों में बढ़ोतरी से मार्जिन को सहारा
लागत के दबाव को कम करने के लिए ज्यादातर वाहन निर्माताओं ने जुलाई और अगस्त में कीमतों में बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट के अनुसार, इन मूल्यवृद्धियों से कंपनियों के मार्जिन को कुछ हद तक सहारा मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसका वास्तविक लाभ मांग में होने वाले बदलाव और कमोडिटी लागत में कमी की गति पर निर्भर करेगा।
दूसरी छमाही में मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद
ग्लोबल ब्रोकरेज के विश्लेषकों के अनुसार, बार-बार कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सभी श्रेणियों के वाहनों की मांग अच्छी बनी हुई है। दूसरी छमाही में मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है, जो ज्यादातर वाहन निर्माताओं के लिए पहले अनुमानित लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ से बेहतर है। एचएसबीसी ने यह भी कहा कि मानसून से जुड़ी चिंताएं अब कुछ कम हुई हैं।
ऊंचा आधार और कीमतें बन सकती हैं चुनौती
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कीमतों में आगे और बढ़ोतरी तथा तुलना के लिए ऊंचा आधार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही और वित्त वर्ष 2028 में ग्रोथ के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। खासकर ऐसी स्थिति में जब ग्राहकों की खरीद क्षमता पर दबाव बढ़ता है। वैल्यूएशन के स्तर पर एचएसबीसी ने कहा कि उसके कवरेज दायरे में आने वाले ऑटो स्टॉक्स अपने ऐतिहासिक औसत से प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इनमें दोपहिया वाहन कंपनियां यात्री वाहन कंपनियों की तुलना में काफी महंगी दिखाई दे रही हैं।
अगले एक-दो वर्षों के लिए ब्रोकरेज ने ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देने की बात कही है, जिनका वैल्यूएशन उचित हो, राजस्व का आधार अलग-अलग क्षेत्रों में फैला और सुरक्षित हो तथा जिनके कारोबार में लंबे समय तक चलने वाले संरचनात्मक विकास के कारक मौजूद हों।

