Data Breach का बढ़ा आर्थिक बोझ
New Delhi में सोमवार को जारी IBM Report के अनुसार, भारत में किसी संगठन पर Data Breach की औसत कुल लागत वर्ष 2026 में बढ़कर रिकॉर्ड Rs 25.5 करोड़ हो गई है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 15.9 प्रतिशत अधिक है। Report में बताया गया कि Breach का दायरा भी बढ़ा है और औसतन 39,500 Records प्रभावित हुए, जबकि 2025 में यह संख्या 38,200 थी।
AI से तैयार हो रहे Cyber Attacks
Report के मुताबिक, करीब 26 प्रतिशत Malicious Breaches AI-generated थे। इससे संकेत मिलता है कि Artificial Intelligence अब Cyber Threat Landscape को तेजी से बदल रहा है। AI की मदद से हमले अधिक तेज, जटिल और बड़े स्तर पर किए जा रहे हैं।
Automation से कम हुआ नुकसान
जिन संगठनों ने AI और Security Automation का व्यापक इस्तेमाल किया, उन्हें औसतन Rs 21.3 करोड़ का नुकसान हुआ। सीमित इस्तेमाल वाली कंपनियों की लागत Rs 23.1 करोड़ रही। वहीं, AI और Automation का इस्तेमाल नहीं करने वाले संगठनों को प्रति Breach औसतन Rs 31.6 करोड़ चुकाने पड़े।
हमलों की पहचान में लंबा समय
Security Operations में AI का उपयोग नहीं करने वाले संगठनों को Breach पहचानने में औसतन 236 दिन और उसे नियंत्रित करने में 75 दिन लगे। IBM के अनुसार, केवल 32 प्रतिशत संगठन AI और Security Automation का व्यापक उपयोग कर रहे हैं।
Phishing सबसे बड़ा खतरा
भारत में Phishing, Voice और SMS Phishing सबसे सामान्य शुरुआती Attack Vector रहा, जिसकी हिस्सेदारी 19 प्रतिशत थी। इसके बाद Drive-by Compromise 16 प्रतिशत और Supply Chain Compromise 15 प्रतिशत रहा।
Security Investment बढ़ाने की तैयारी
करीब 73 प्रतिशत संगठनों ने Breach के बाद Security Tools और Governance में निवेश बढ़ाने की योजना जताई है। IBM India & South Asia के Vice President, Technology, Gaurav Agarwal ने कहा कि मजबूत AI Governance और Agentic AI को पूरे Security Lifecycle में शामिल करना Business Resilience के लिए जरूरी है।

