नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज
मारुति सुजुकी इंडिया ने शनिवार को जुलाई महीने में पहली बार 2 लाख से अधिक यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज करते हुए अब तक की सबसे अधिक मासिक घरेलू बिक्री की जानकारी दी। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने जुलाई के दौरान कुल 2,41,421 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष जुलाई में यह आंकड़ा 1,80,526 यूनिट्स था। इस दौरान हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) सहित घरेलू बिक्री रिकॉर्ड 2,00,123 यूनिट्स रही, जबकि निर्यात 30,056 यूनिट्स रहा। अन्य ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) को बिक्री 11,242 यूनिट्स रही।
पैसेंजर व्हीकल्स, एलसीवी और ओईएम सप्लाई सहित कुल घरेलू बिक्री बढक़र 2,11,365 यूनिट्स हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,48,781 यूनिट्स थी।
घरेलू बाजार में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री बढक़र 1,96,203 यूनिट्स हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 1,37,776 यूनिट्स थी। यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री 52,773 यूनिट्स से बढक़र 78,851 यूनिट्स हो गई, जबकि पैसेंजर कारों की बिक्री 72,662 यूनिट्स से बढक़र 1,03,456 यूनिट्स रही। शुक्रवार को ऑटो कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही (वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही) के लिए समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी, क्योंकि कच्चे माल और परिचालन लागत में वृद्धि का असर मार्जिन पर पड़ा।
कंपनी ने तिमाही के दौरान 3,447 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3,792 करोड़ रुपए था। वहीं, परिचालन से राजस्व घरेलू बिक्री और निर्यात में बढ़ोतरी के कारण सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढक़र 52,469 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, परिचालन लाभप्रदता पर दबाव बना रहा और ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 8.9 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले 11.6 प्रतिशत था। कुल खर्च सालाना आधार पर 40.5 प्रतिशत बढक़र 50,000 करोड़ रुपए हो गया, जिसका मुख्य कारण कच्चे माल की लागत में 45.9 प्रतिशत की वृद्धि होकर 32,013 करोड़ रुपए होना रहा। कर्मचारी लाभ व्यय और अन्य परिचालन व्यय भी क्रमश: 20.3 प्रतिशत और 17.7 प्रतिशत बढ़े।

