वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं के बीच बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कीमती धातुओं की मांग पर दबाव बढ़ने की चिंता के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिकवाली का माहौल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना ₹.1,45,000 प्रति10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव ₹.1,46,529 की तुलना में ₹.1,528 या1.04 प्रतिशत कम था।
दोपहर लगभग 12:10 बजे सोना ₹.1,45,216 प्रति10ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो ₹.1,313 या 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। कारोबार के दौरान सोना ₹.1,44,114 के दिन के निचले स्तर तक फिसला, जो ₹.2,415 या1.64प्रतिशत की गिरावट थी। वहीं, इसका उच्चतम स्तर ₹.1,45,480 दर्ज किया गया।
उधर, जुलाई वायदा चांदी में भी दबाव बना रहा। चांदी ₹.2,22,579 प्रति किलोग्राम पर खुली, जो पिछले बंद भाव ₹.2,25,834 की तुलना में ₹.3,255 या1.44प्रतिशत कम थी। बाद में चांदी ₹.2,21,658 प्रति किलोग्राम तक गिर गई, जिससे इसमें ₹.4,176 या 1.84 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखाई दिया। हाजिर सोना0.4प्रतिशत की गिरावट के साथ4,092.39डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.33 प्रतिशत कमजोर होकर61.82डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
जिंस बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने के लिए तत्काल प्रतिरोध ₹.1.45 लाख से ₹.1.46 लाख के दायरे में दिखाई दे रहा है। यदि कीमतें इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकती हैं तो सोना ₹.1.47 लाख और बाद में ₹.1.48 लाख तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, यदि सोना ₹.1.43 लाख के स्तर से नीचे फिसलता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है तथा कीमतें ₹.1.40 लाख से ₹.1.39 लाख के क्षेत्र तक पहुंच सकती हैं। चांदी के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि ₹.2.25 लाख से ₹.2.26 लाख का दायरा महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र है। यदि चांदी ₹.2.20 लाख के स्तर से नीचे जाती है तो इसकी कीमत ₹.2.15 लाख या उससे नीचे तक खिसक सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में सोना और चांदी दोनों के प्रति दृष्टिकोण सावधानीपूर्ण नकारात्मक बना हुआ है। लगातार बिकवाली के दबाव और प्रमुख प्रतिरोध स्तरों को पार करने में असफलता के कारण बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। इस बीच डॉलर सूचकांक, जो अमेरिकी मुद्रा की छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले स्थिति को दर्शाता है, बढ़कर101.265पर पहुंच गया। डॉलर सूचकांक यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, कनाडाई डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को मापता है।

