अहमदाबाद: गुजरात के वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) में भविष्य को आकार देने वाली दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में खारे भूभाग की चुनौती से निपटने के लिए विकसित की जा रही हरित पट्टी परियोजना का निरीक्षण किया तथा निर्माणाधीन सेमीकंडक्टर संयंत्र की प्रगति का भी जायजा लिया। मंत्री की इस यात्रा ने धोलेरा को औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को उजागर किया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
हरित पट्टी परियोजना स्थल पर मंत्री ने वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित वनीकरण कार्यक्रम की समीक्षा की। यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्र के आसपास हरित आवरण विकसित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। वन विभाग द्वारा कुल 19.5 हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्य किया जा रहा है, जिसमें से 10.5 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विभिन्न देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जा चुके हैं। अधिकारियों ने मंत्री को “ड्रम विधि” के बारे में जानकारी दी, जिसे धोलेरा की अत्यधिक खारी मिट्टी और सीमित जल उपलब्धता जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इस तकनीक के तहत पौधों की जड़ों को विशेष रूप से तैयार किए गए ड्रमों के माध्यम से खारी मिट्टी से अलग रखा जाता है। साथ ही नमी संरक्षण तकनीकों का उपयोग कर पौधों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जाता है।
वन विभाग के अनुसार, इस वैज्ञानिक पद्धति के कारण वृक्षारोपण की सफलता दर 94प्रतिशत से 97प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है, जो सामान्य वनीकरण परियोजनाओं की तुलना में काफी अधिक है। इस अभियान में 17से अधिक देशी वृक्ष प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिनमें वट वृक्ष, पीपल, पारस पीपल, अर्जुन, गुलमोहर, कांजी, खाखरो, केसूडो, गुंदा और गुंदी प्रमुख हैं। परियोजना की सराहना करते हुए मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि नियोजित वनीकरण कार्यक्रम धोलेरा के हरित भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को संतुलित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
इसके बाद मंत्री ने धोलेरा SIR में निर्माणाधीन निजी कंपनी के सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सिविल निर्माण कार्यों और तकनीकी आधारभूत संरचना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कंपनी के प्रबंधन और अभियंता दल के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी की, जिसमें परियोजना की वर्तमान स्थिति और संचालन प्रारंभ करने की समयसीमा पर चर्चा हुई। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि यह सेमीकंडक्टर संयंत्र भारत की डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक प्रगति को भी गति देगी।
अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय विधायक कालू डाभी भी उनके साथ मौजूद रहे। धोलेरा में एक ओर जहां हरित पट्टी परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सेमीकंडक्टर संयंत्र गुजरात को उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से धोलेरा देश के प्रमुख औद्योगिक एवं पर्यावरणीय रूप से संतुलित विकास मॉडल के रूप में उभर सकता है।

