पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत तक की कमजोरी आई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा अनुबंध वाला सोना कारोबार के दौरान 1.85 प्रतिशत यानी ₹.2,882 की गिरावट के साथ ₹.1,52,712 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। दोपहर करीब 12:30 बजे तक सोना ₹.1,53,550 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.2,044 या 1 प्रतिशत से अधिक नीचे था। कारोबार के दौरान सोना ₹.1,54,512 के उच्च स्तर तक भी पहुंचा, लेकिन यह भी पिछले बंद स्तर से ₹.1,082 या 0.69 प्रतिशत कम रहा। इससे स्पष्ट है कि पूरे सत्र में निवेशकों का रुझान बिकवाली की ओर अधिक रहा।
वहीं जुलाई वायदा अनुबंध वाली चांदी भी दबाव में रही। चांदी की कीमत ₹.6,774 की गिरावट के साथ ₹.2,41,763 पर कारोबार करती देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी ₹.2,39,064 के निचले स्तर तक फिसल गई, जो सत्र में 3.81 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। चांदी ने दिन में ₹.2,51,001 का उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन यह भी पिछले बंद स्तर की तुलना में लगभग 1 प्रतिशत नीचे रहा। एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में सोना ₹.1,54,177 और चांदी ₹.2,51,001 पर खुली थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कोमेक्स चांदी 2.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 67.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। वहीं कोमेक्स सोना लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,324.70 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा। जिंस बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका के अपेक्षा से बेहतर रोजगार आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोना और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की आकर्षण क्षमता को कम कर देती हैं, जिससे इन धातुओं में बिकवाली बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग को कुछ हद तक सहारा जरूर दिया, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेतों तथा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं में कमी ने कीमती धातुओं में नई खरीदारी को सीमित कर दिया। इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 96.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 94.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। जापान का निक्केई सूचकांक लगभग 4 प्रतिशत टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5 प्रतिशत तक लुढ़क गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। कीमती धातुओं में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों की दिशा और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर केंद्रित कर दिया है। आने वाले दिनों में इन कारकों का असर सोना और चांदी की कीमतों पर बना रह सकता है।

