नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | केंद्र सरकार ने देशभर में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए ‘भव्य’ योजना की विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक देशभर में 100 आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। योजना के लिए करीब रूपये 33,660 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इन पार्कों में आधुनिक लॉजिस्टिक्स, डिजिटल गवर्नेंस, भरोसेमंद बिजली-पानी और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएगी। यह योजना भारत के विनिर्माण क्षेत्र को नई मजबूती देने के साथ वैश्विक निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
पहले चरण में 50 पार्क होंगे विकसित
योजना के पहले चरण में 50 इंडस्ट्रियल पार्क तैयार किए जाएंगे। इनका चयन चुनौती आधारित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के औद्योगिक पार्क विकसित किए जा सकेंगे।
भूमि के लिए तय की गई न्यूनतम सीमा
गैर-पहाड़ी राज्यों में औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए कम से कम 100 एकड़ भूमि जरूरी होगी। वहीं पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों के लिए यह सीमा 25 एकड़ तय की गई है। सरकार 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार करेगी।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल
सुविधाओं पर जोर
योजना के तहत विकसित होने वाले पार्कों में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, भरोसेमंद बिजली-पानी, डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम और टिकाऊ विकास संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा श्रमिकों के लिए सहायक ढांचा भी तैयार किया जाएगा।
एसपीवी मॉडल के जरिए होगा संचालन
इन परियोजनाओं को कंपनियां अधिनियम 2013 के तहत गठित विशेष प्रयोजन वाहन यानी एसपीवी के माध्यम से लागू किया जाएगा। यही एसपीवी योजना, संचालन, निवेशकों को सुविधा देने और दीर्घकालिक रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार योजना को लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं से भी जोड़ेगी।

