वर्तमान में भाग-दौड़ वाली और डिजिटल वाली जिंदगी में युवा वर्ग खेलों से दूर भागता जा रहा है। हर वक्त मोबाइल फोन पर लगा रहता है। ऐसे में जरूरी है कि युवा वर्ग खेलों को अपना अभिन्न अंग बनाए। इसी उद्देश्य युवाओं को दौड़, कूद, फेंक के प्रति प्रेरित, स्कूलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आज विश्व एथलेटिक्स दिवस मनाया जाएगा। यह दिन युवा एथलीटों को प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े मंच पर लाने का अवसर प्रदान करता है। खेलों के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का संदेश दिया जाता है। यह दिन एथलेटिक्स को प्राथमिक खेल के रूप में स्कूलों में बढ़ावा देने और दुनिया भर के बच्चों को खेल के मैदान से जोडक़र एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है। विश्व एथलेटिक्स दिवस की शुरुआत वर्ष,1996 में हुई थी। इसे इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस के तत्कालीन अध्यक्ष प्रिमो नेबियोलो द्वारा शुरू किया गया था। इसे बेहतर दुनिया के लिए एथलेटिक्स शीर्षक से एक सामाजिक जिम्मेदारी परियोजना के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष, 2026 की थीम युवाओं को सक्रिय रहने और खेल का आनंद लेने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है, जिसमें 5 साल के प्रभाव का जश्न मनाया जा रहा है। कोविड के बाद तो यानि पिछले कुछ वर्षों में खेल गतिविधियों में कमी के बाद वर्ष, 2026 में वैश्विक स्तर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की जोरदार वापसी हुई है। विश्व एथलेटिक्स दिवस केवल खेलों के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ, मजबूत और अधिक अनुशासित पीढ़ी के निर्माण के बारे में है। छात्रों को एथलेटिक्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके, यह दिन भविष्य के चैंपियनों और जिम्मेदार व्यक्तियों को आकार देने में मदद करता है।

