आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद स्थिरता का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुलने के बाद Sensex और Nifty ने धीरे-धीरे अपने नुकसान की भरपाई की और अंततः सपाट स्तर पर कारोबार करते नजर आए। निवेशकों के बीच सतर्कता बनी रही, जिससे बाजार में सीमित दायरे में ही गतिविधि देखी गई। सुबह के सत्र में वैश्विक संकेतों और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कुछ सेक्टर में खरीदारी लौटने लगी, जिससे बाजार ने रिकवरी दिखाई। बावजूद इसके, PSU Banks सेक्टर में लगातार बिकवाली ने बाजार की तेजी को सीमित रखा।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो PSU Banks इंडेक्स में लगभग 1प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का मुख्य कारण प्रमुख सरकारी बैंकों के शेयरों में कमजोरी रहा। वहीं Energy सेक्टर में करीब 1प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को सहारा मिला। ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों में खरीदारी के चलते यह सेक्टर मजबूती के साथ उभरा। इसके अलावा व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। Nifty Midcap इंडेक्स में 0.2प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो मध्यम आकार की कंपनियों में निवेशकों की रुचि को दर्शाता है। वहीं Smallcap इंडेक्स में 0.8प्रतिशत की तेजी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि छोटे निवेशक अभी भी बाजार में सक्रिय बने हुए हैं।
Nifty के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में कोल इंडिया, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, डॉक्टर रेड्डीज लैब्स, अडानी एंटरप्राइजेज और ओएनजीसी शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सहारा मिला। विशेष रूप से ऊर्जा और दवा क्षेत्र की कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं गिरावट वाले शेयरों में ईटरनल, भारतीय स्टेट बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट और एक्सिस बैंक शामिल रहे। बैंकिंग और एविएशन सेक्टर में कमजोरी के कारण इन शेयरों में दबाव बना रहा। खासकर भारतीय स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंकों में गिरावट का असर पूरे PSU Banks और बैंकिंग इंडेक्स पर पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों से जुड़े फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। इसी कारण बाजार में बड़ी तेजी या गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। निकट भविष्य में सेक्टर आधारित गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर आज का कारोबारी सत्र संतुलित रहा, जहां एक ओर PSU Banks ने दबाव बनाया तो दूसरी ओर Energy और व्यापक बाजार ने संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

