नई दिल्ली,
जर्मनी की लग्ज़री वाहन निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने कुल 19,363 इकाइयों की बिक्री की, जो पिछले वित्त वर्ष की 18,928 इकाइयों के मुकाबले 2.29 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण उच्च श्रेणी और मुख्य लग्ज़री खंड में मजबूत मांग रही। January से March 2026 की तिमाही में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया। इस अवधि में 5,131 इकाइयों की बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,775 इकाइयां था, यानी 7.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, उसका प्रदर्शन मजबूत उत्पाद श्रृंखला, बेहतर नेटवर्क और ग्राहकों को अलग अनुभव देने की रणनीति से समर्थित रहा। उच्च श्रेणी के लग्ज़री वाहनों की बिक्री में वित्त वर्ष 2025-26 में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि March तिमाही में यह वृद्धि 25 प्रतिशत रही। इस श्रेणी में एस-क्लास, मर्सिडीज-मेबैक, ईक्यूएस एसयूवी और एएमजी जैसे मॉडल शामिल हैं। कुल बिक्री में इस श्रेणी की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। कुछ मॉडलों के लिए ग्राहकों को चार महीने से लेकर एक वर्ष तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
मुख्य खंड का भी बड़ा योगदान
कंपनी के मुख्य खंड, जिसमें सी-क्लास, ई-क्लास लंबा व्हीलबेस सेडान और जीएलसी व जीएलई एसयूवी शामिल हैं, ने भी कुल बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ई-क्लास लंबा व्हीलबेस भारत में सबसे अधिक बिकने वाली लग्ज़री कार बनी रही। हालांकि, प्रवेश स्तर के लग्ज़री खंड में 18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसका कारण कम कीमत वाले विकल्पों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाजार में मिल रहे प्रोत्साहन माने जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी की उच्च श्रेणी की कुल बिक्री में बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत रही। 1.4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 85 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई।
नए मॉडल और विस्तार की योजना
कंपनी 24 April को अपना नया इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने जा रही है, जो नई पीढ़ी की सॉफ्टवेयर आधारित तकनीक से लैस होगा। इसके साथ ही, कंपनी 2026 में 20 से अधिक नए लग्ज़री आउटलेट खोलने की योजना बना रही है। यह विस्तार विशाखापत्तनम और वाराणसी जैसे नए बाजारों में प्रवेश के साथ होगा, जबकि बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, पुणे और गोवा जैसे प्रमुख बाजारों में भी उपस्थिति मजबूत की जाएगी। अगले दो वर्षों में फ्रेंचाइजी भागीदारों द्वारा 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। कंपनी का ध्यान आधुनिक सुविधाओं और उन्नत तकनीक के माध्यम से ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर रहेगा।




