गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली, जहां वैश्विक स्तर पर बढ़ती ceasefire से जुड़ी अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद अंत में Nifty 23,800 के स्तर के नीचे बंद हुआ, जबकि Sensex में करीब 950 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा, जिसके चलते बाजार में बिकवाली हावी रही। कई प्रमुख क्षेत्रों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे समग्र बाजार दबाव में रहा।
सेक्टरों में मिला-जुला रुख
sectoral स्तर पर तेल एवं गैस, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, आधारभूत ढांचा, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और निजी बैंकिंग क्षेत्र में 0.4 प्रतिशत से 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इन क्षेत्रों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सूचकांकों पर दबाव बना। वहीं दूसरी ओर, धातु, विद्युत और औषधि क्षेत्र में हल्की मजबूती देखने को मिली, जहां 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में चुनिंदा खरीदारी के चलते बाजार को कुछ सहारा मिला। Nifty में शामिल प्रमुख कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन, एचडीएफसी बैंक, श्रीराम फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक रहा, जिससे सूचकांक नीचे आया।
इन कंपनियों ने दिखाई मजबूती
वहीं, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज ऑटो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ओएनजीसी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इन कंपनियों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली, जिससे ये शेयर हरे निशान में बंद हुए। वृहद कंपनियों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में ज्यादा हलचल नहीं रही। दोनों सूचकांक दिन के अंत में लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने छोटे शेयरों में सतर्क रुख अपनाया। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और ceasefire को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया और निवेशकों को सतर्क रहने के लिए मजबूर किया।




