भारतीय stock market में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही, जहां लगातार बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर के कारोबार के दौरान निवेशकों में सतर्कता बनी रही, जिससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
Sensex और Nifty में तेज गिरावट
कारोबार के अंत में Sensex लगभग 1,500 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty भी महत्वपूर्ण स्तर 22,400 के नीचे फिसलकर करीब 22,350 के आसपास बंद हुआ। यह गिरावट बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का संकेत देती है। आज के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली। पूंजीगत वस्तु, वाहन, रियल एस्टेट, उपभोक्ता वस्तु, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, निजी बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सेक्टर में 2 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर कमजोरी बनी रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दोनों सूचकांक लगभग 2.5 प्रतिशत तक टूट गए, जिससे छोटे निवेशकों को भी नुकसान उठाना पड़ा। Nifty में शामिल प्रमुख कंपनियों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी ने बाजार को नीचे खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के शेयरों में हल्की बढ़त देखी गई, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में जारी अस्थिरता के पीछे वैश्विक संकेत और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली मुख्य कारण हैं। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

