Tuesday, June 30, 2026 |
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इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों को सख्त चेतावनी, भारत में डिजाइन नहीं तो नहीं मिलेगा सरकारी लाभ: अश्विनी वैष्णव

by Business Remedies
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Ashwini Vaishnav addressing a press conference on the electronics industry

नई दिल्ली,

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि वे भारत में उत्पादों का डिजाइन विकसित नहीं करती हैं, तो उन्हें सरकारी प्रोत्साहन (सोप्स) नहीं दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को यह कड़ा रुख अपनाते हुए उद्योग जगत को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण योजना के तहत कंपनियों को मिलने वाले प्रोत्साहन अब उनके द्वारा भारत में विकसित की जा रही डिजाइन, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग क्षमता से सीधे जुड़े होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनियां सरकार द्वारा तय किए गए चार प्रमुख लक्ष्यों पर खरा नहीं उतरती हैं, तो वह अगली उद्योग बैठक में शामिल भी नहीं होंगे। अश्विनी वैष्णव ने कंपनियों की धीमी प्रगति पर निराशा जताते हुए कहा कि डिजाइन और गुणवत्ता के क्षेत्र में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो सरकार सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप कदम नहीं उठाता है, तो आगे की मंजूरी और धनराशि वितरण रोक दिया जाएगा।

डिजाइन और गुणवत्ता पर जोर

मंत्री ने कंपनियों से कहा कि वे केवल असेंबली या सामान्य निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि अवधारणा डिजाइन, इंजीनियरिंग डिजाइन और निर्माण डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि केवल निर्माण से सीमित लाभ मिलता है, जबकि डिजाइन में अधिक रणनीतिक महत्व होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, यदि वे सरकार की शर्तों को पूरा नहीं करती हैं, तो उन्हें भी धनराशि जारी नहीं की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने योजना के चौथे चरण में 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें कुल 7,104 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है। योजना के तहत कुल लक्ष्य 59,350 करोड़ रुपए का रखा गया था, जबकि अब तक 61,671 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है।

वैश्विक गुणवत्ता मानकों की आवश्यकता

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सिक्स सिग्मा प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। बिना इसके उत्पाद पूर्ण नहीं माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्पादों में विश्वसनीयता, सटीकता और स्थिरता सुनिश्चित करना जरूरी है। मंत्री ने कंपनियों से कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि उद्योग को केवल भौतिक ढांचे पर ही नहीं, बल्कि प्रतिभा विकास पर भी निवेश करना चाहिए। सरकार पूरे तंत्र को समर्थन देती रहेगी, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले डिजाइन और इंजीनियरिंग विशेषज्ञ तैयार करने में उद्योग को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।



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